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तिहरा हत्याकांड: आबूलेन की पहली मुलाकात से उम्रकैद की सजा तक; हिंदू नाम बताकर शीबा का इजलाल से कराया था परिचय
Tue, 06 Aug 2024 11:00 AM IST
शाहरुख खान
सचिन त्यागी, अमर उजाला, मेरठ
सचिन त्यागी, अमर उजाला, मेरठ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 06 Aug 2024 11:00 AM IST
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Meerut Triple Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
16 साल पहले हुए मेरठ कोतवाली के गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड में अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन-2 पवन कुमार शुक्ला की कोर्ट ने सोमवार को आरोपी इजलाल कुरैशी और शीबा सिरोही सहित 10 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने एक अगस्त को सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था।
गुदड़ी बाजार हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
पिता सेना में कर्नल। मां मेरठ के नामचीन सीबीएसई स्कूल की प्रिंसिपल। पति सेना में कैप्टन। कान्वेंट स्कूल में पढ़ी लिखी शीबा सिरोही हाई प्रोफाइल परिवार से ताल्लुक रखती थी। फर्राटेदार अंग्रेजी बोलना। एमबीए की डिग्री। घूमने का शौक। महंगे कपड़े पहनना उसका शगल था। पिता की मौत हो चुकी थी। मां ने मेरठ से दुबई का रुख कर लिया। वो वहां एक शिक्षण संस्थान में उच्च पद पर नौकरी करने लगीं।
गुदड़ी बाजार हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
शीबा सिरोही के पति से विचार नहीं मिले। बात कोर्ट तक पहुंच गई थी। शीबा अब गंगानगर के राधा गार्डन में अकेली रहने लगी। बात साल 2006 की है। शीबा सिरोही अपनी एक सहेली के साथ आबूलेन स्थित नामचीन ब्रेकरी पर गई थी। वहां शीबा को उसकी जान पहचान का एक युवक मिला। उसके साथ इजलाल कुरैशी भी था। शीबा के उसी जानकार ने इजलाल से मुलाकात कराई।
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
दूसरी मुलाकात में इजलाल ने ले लिया था फोन नंबर
बकौल मुकदमे के विवेचक रहे तत्कालीन इंस्पेक्टर डीके बालियान को शीबा ने उस वक्त जो बयान दिया...उसके मुताबिक इजलाल को शीबा के एक परिचित ने हिंदू नाम बताकर मिलवाया था। दूसरी मुलाकात में इजलाल ने शीबा का नंबर ले लिया। बातें होनी लगी। अकेली रह रही शीबा को आने-जाने में कहीं दिक्कत नहीं थी। इजलाल का रुआब और पैसे देखकर शीबा उसके करीब पहुंचती गई। शीबा को इजलाल के असली नाम का जब तक पता चला तब तक बाद बहुत आगे बढ़ चुकी थी।
बकौल मुकदमे के विवेचक रहे तत्कालीन इंस्पेक्टर डीके बालियान को शीबा ने उस वक्त जो बयान दिया...उसके मुताबिक इजलाल को शीबा के एक परिचित ने हिंदू नाम बताकर मिलवाया था। दूसरी मुलाकात में इजलाल ने शीबा का नंबर ले लिया। बातें होनी लगी। अकेली रह रही शीबा को आने-जाने में कहीं दिक्कत नहीं थी। इजलाल का रुआब और पैसे देखकर शीबा उसके करीब पहुंचती गई। शीबा को इजलाल के असली नाम का जब तक पता चला तब तक बाद बहुत आगे बढ़ चुकी थी।
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
किस्सा अब सरेआम हो चुका था। इजलाल शीबा को लेने राधा गार्डन जाता। कार में बिठाकर निकल जाता था। कभी रात को गाड़ी पहुंच जाती। पूरी काॅलोनी में इस बात का पता चल चुका था कि शीबा का जिसके साथ आना-जाना है, वो कोतवाली के गुदड़ी बाजार का मीट कारोबारी इजलाल कुरैशी है। बात अब यहां तक आ गई थी कि दूसरे समुदाय के युवक का इस तरह से आकर युवती को ले जाना कालोनी का माहौल खराब कर रहा है।