भूसा मंडी, मछेरान और फिर दिल्ली रोड पर बवाल के पीछे गहरी साजिश है। चार घंटे में पूरे शहर का माहौल बदल गया। पुलिस से वायरलेस सेट, मोबाइल, असलहा छीनने के बाद बवाल करने की पटकथा तैयार की गई। धार्मिक स्थल में आग लगाकर लोगों भी भावनाओं को भड़काया गया। लोगों का गुस्सा तो कैंट बोर्ड पर था, लेकिन झेलना सदर बाजार पुलिस को पड़ा। इस बवाल को कैसे भड़काया गया। इसकी अमर उजाला ने पड़ताल की।
शाम 3:55 बजे थे। इकराम का मकान ध्वस्त होने की खबर भूसा मंडी व मछेरान में आग की तरफ फैल गई। लोगों का गुस्सा शुरूआत में सिपाही सतेंद्र कुमार पर फूटा। उन्होंने सिपाही से वायरलेस, मोबाइल और पिस्टल छीन ली।
कैंट बोर्ड के अधिकारियों से मारपीट की। जानकारी पर एसओ सदर बाजार फोर्स लेकर पहुंचे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। भूसा मंडी में पुलिस वायरलेस और पिस्टल को ढूंढने लगी, लेकिन पुलिस का लुटा हुआ सामान नहीं मिला।
असलहा और वायरलेस लौटाया : पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी कि अगर सरकारी सामान नहीं लौटाया तो भूसा मंडी व मछेरान में कई लोगों पर बड़ी कार्रवाई होगी। शाम 4:45 बजे एक महिला ने गुपचुप तरीके से सिपाही की पिस्टल, वायरलेस लौटा दिया। लेकिन मोबाइल नहीं दिया।
पुलिस ने लोगों पर शिकंजा कसने की बात कही तो कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। मजबूरन पुलिस को हटना पड़ा। इसके बाद 4:55 बजे करीब 20-25 लड़केे भूसा मंडी पहुंचे। उन युवकों ने पहले कुछ लोगों से बातचीत की।