सहारनपुर स्थित कोतवाली शहर के सरायगंज पुलिस चौकी इंचार्ज इंद्रजीत सिंह की आत्महत्या की गुत्थी उलझ गई है। इंद्रजीत के मोबाइल में कई रिकॉर्डिंग कॉल मिली हैं। इसमें पारिवारिक कलह या फिर तनाव जैसे संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, मेरठ की पुलिस फिलहाल पारिवारिक विवाद मानकर ही जांच करने की बात कह रही है।
सवाल है कि दरोगा के पास अवैध पिस्टल कहां से आया, इसकी पड़ताल के लिए एक सिपाही सहारनपुर रवाना हो गए। हालांकि इस मामले में सिर्फ थाने में तस्करा डाला गया है। वहीं, पीड़ित परिवार पुलिस लाइन के क्वार्टर में ताला लगाकर उधमसिंह नगर में पैतृक गांव गया हुआ है।
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दरोगा सुसाइड केस।
- फोटो : अमर उजाला
मूलरूप से उधमसिंह नगर निवासी दरोगा इंद्रजीत सिंह परिवार सहित मेरठ पुलिस लाइन में रहते थे। बुधवार रात करीब एक बजे इंद्रजीत ने खुद को पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। बृहस्पतिवार सुबह सूचना पर एडीजी राजीव सभरवाल सहित अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचे। बाद में शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया था। परिजन दरोगा के शव को उधमसिंह नगर अपने पैतृक गांव ले गए थे।
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दरोगा सुसाइड केस।
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शुक्रवार सुबह पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और गहनता से जांच की। इंद्रजीत और उनके परिवार के मोबाइल की रिकॉर्डिंग भी पुलिस ने सुनी। रिकार्डिंग में अभी तक पारिवारिक विवाद स्पष्ट नहीं हुआ।
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दरोगा सुसाइड केस।
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पुलिस अधिकारियों ने इंद्रजीत की पत्नी और परिवार के अन्य लोगों से बातचीत की है। दो दिन बीतने के बावजूद भी पुलिस दरोगा की मौत का कारण पता नहीं लगा सकी। सीओ सिविल लाइन अरविंद चौरसिया का कहना है अभी परिवार ने कोई तहरीर नहीं दी। पुलिस ने विभागीय कार्रवाई करते हुए तस्करा डाल दिया है। अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार उधमसिंह नगर गया है। वहां से लौटने पर आत्महत्या का कारण जानने का प्रयास किया जाएगा। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं मिली है। दरोगा की मौत का राज अभी रहस्य है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच करने का दावा कर रही है।
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दरोगा सुसाइड केस।
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पुलिस के अनुसार दरोगा ने बुधवार रात करीब दो बजे गोली मारी। दूसरे कमरे में पत्नी और दोनों बच्चे सो रहे थे। बाद में वह कमरे में लहूलुहान हालत में पड़े मिले थे। रातभर परिवार के लोग दरोगा को लेकर दौड़ते रहे, लेकिन किस ने पुलिस को सूचना नहीं दी। सुबह दरोगा के एक परिचित ने फोन करके जानकारी पुलिस को दी। यह सवाल उठ रहे हैं कि परिजन घटना की जानकारी पुलिस को देने से क्यों बचते रहे। इसकी पड़ताल की जा रही है।