मेरठ शहर के वाहन चालक जुर्माना भरने को राजी हैं, लेकिन यातायात नियमों का पालन करने को तैयार नहीं है। हाल यह है कि पुलिसकर्मी भी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि ट्रैफिक पुलिस ने सितंबर माह में 65 लाख रुपये शमन शुल्क वसूल किया। यही नहीं ट्रैफिक पुलिस इस साल नौ माह में करीब 2.83 करोड़ रुपये बतौर शमन वसूल चुकी है। आगे जानिए पूरा अपडेट-
यूपी: इन्हें नहीं जुर्माने का डर, बिना हेलमेट के दौड़ा रहे वाहन, तस्वीरों में देखिए जिले का हाल
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एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि एक जनवरी से 30 सितंबर तक दो करोड़ 82 लाख 97 हजार शमन शुल्क वसूला जा चुका है। 31761 वाहनों के ई-चालान काटे गए हैं। लॉकडाउन के दौरान चालान में गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं 2019 में 2.47 करोड़ रुपये चालान और शमन शुल्क से वसूले गए थे।
दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत रविवार को ट्रैफिक पुलिस ने 600 वाहनों के चालान काटे। 19 हजार रुपये शमन शुल्क जमा कराया। इसके बाद भी लोग बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चला रहे हैं। दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी भी चल रही हैं।
एसपी ट्रैफिक का कहना है कि हेलमेट को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जब से शासन ने चालन राशि बढ़ाई है। बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने वालों में कमी आई है।
द्वितीय त्रैमासिक सड़क सुरक्षा सप्ताह का रविवार को समापन हो गया। यह जानकारी एआरटीओ दिनेश कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि रविवार को यात्रीकर अधिकारी सुधीर कुमार ने ओवरलोडिंग, रिफ्लेक्टर और अवैध पार्किंग मामले में 35 चालान किए। इसके बाद टीम ने टीपीनगर पहुंचकर ट्रकों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाने का अभियान चलाया। इस काम में बस और ट्रक यूनियन ने सहयोग किया। इस मौके पर ट्रक आपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष पिंकी चिन्यौटी, राजकुमार सचदेवा, गगन शर्मा, सन्नी गुप्ता, राकेश विज और हरजीत चावला आदि मौजूद रहे।
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