मेरठ में आबूलेन पुलिस चौकी के पास करनैल होटल के कमरा नंबर 104 में नरेश कुमार (37) ने तमंचे से कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। नरेश बागपत के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के हिसावदा गांव के निवासी थे और ठेकेदारी करते थे। चेकआउट करने के लिए स्टाफ ने होटल का दरवाजा खटखटाया तो नहीं खुला।
PHOTOS: होटल में खून से लथपथ लाश देख उड़े अफसरों के होश, सुसाइड नोट में लिखी आत्महत्या की ये बड़ी वजह
नरेश की पत्नी स्वाति सीए हैं। नरेश पत्नी और दो बच्चों के साथ नोएडा में रह रहे थे। रविवार रात साढ़े आठ बजे होटल में रुके थे। सोमवार सुबह जब सफाई कर्मचारी ने दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद करीब तीन बजे स्टाफ ने फिर से दरवाजा खटखटाया तो भी हलचल नहीं हुई। इसके बाद होटल स्वामी नरेंद्र सिंह को बुलाया गया। उन्होंने आबूलेन चौकी प्रभारी को सूचना दी तो वह होटल पहुंच गए। वीडियोग्राफी करते हुए दूसरी चाबी से कमरे का दरवाजा खोला तो नरेश मलिक बिस्तर पर खून से लथपथ पड़े थे।
नरेश के दाएं हाथ में तमंचा था, जबकि पास में ही खोखा था। गोली सिर को पार करते हुए बाहर निकल गई थी। कमरे की जांच की तो एक सुसाइड नोट मेज पर रखा था, जबकि दूसरा उनकी जेब में था। समें दिनेश नाम के व्यक्ति को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार बताया गया। साथ ही तीन नंबर भी लिखे थे, जिसमें से एक पत्नी, एक साले और एक मामा का था। पुलिस ने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद शव को मोर्चरी के लिए भेज दिया। सदर बाजार इंस्पेक्टर देव सिंह रावत का कहना है कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
नए साल के पहले दिन लिखा सुसाइड नोट
सुसाइड नोट पर हस्ताक्षर भी हैं। नए साल के पहले दिन ही सुसाइड नोट लिखा गया। रविवार रात आठ बजे कमरा लिया गया। यहां आने के कुछ देर बाद ही यह सुसाइड नोट लिखा। नरेश आत्महत्या के इरादे से ही होटल में तमंचा लेकर पहुंचे थे। होटल में रुकने के बाद जब स्टाफ ने खाने का ऑर्डर पूछा तो उन्होंने इससे मना कर दिया। रविवार रात करीब 11:30 बजे होटल स्टाफ से पेन मांगा और फिर कमरा बंद कर लिया।
सुसाइड नोट में लिखी यह बात...
सुसाइड नोट में नरेश ने लिखा कि मेरी हत्या का कारण दिनेश सिंह है, जो नियोन स्टील में नौकरी करता है और जेवीटीएस गार्डन छतरपुर में रहता है। दिनेश सिंह कानपुर का निवासी है। दिनेश सिंह ने मुझे आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया। दिनेश के पास जापान का वीजा है वह देश छोड़कर भाग सकता है। मृतक ने बेटे वेदांत से माफी मांगी है। साथ ही तीन मोबाइल नंबर भी लिखे हैं। जिन पर कॉल कर सूचना करने को कहा है। मृतक ने लिखा कि दिनेश सिंह को सजा जरूर दिलाई जाए। अंत में यह भी लिखा- मोंटू मैं हमेशा साथ हूं, बच्चों का ध्यान रखना। इसके बाद सॉरी लिखकर छोड़ दिया।