नए साल पर एक ऐसी दर्दनाक घटना हुई। जिसने भी घटना के बारे में सुना उसकी रूह कांप गई। मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र के शंभूनगर में एक परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक तरीके से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब पूरे देश में जश्न मनाया जा रहा था।
दर्दनाक: बर्थडे और न्यू ईयर का जश्न, फिर आया ऐसा काल, टूट गईं पूरे परिवार की सांसें, 14 घंटे तक तड़पी मासूम
शाम चार बजे तक भी नहीं खुला था दरवाजा
बताया गया कि रविवार शाम चार बजे जब मकान मालिक आलोक बंसल तृतीय तल पर पहुंचे तो जीने का गेट बाहर से बंद था। उन्होंने जाली काटकर दरवाजा खोला। इसके बाद दंपती के कमरे का दरवाजा तोड़कर देखा तो वह दंग रह गए। दंपती ने दम तोड़ दिया था। बच्ची की सांसें चल रही थीं। उन्होंने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
कमरे में कोयला जलाने से उजड़ गई दुनिया
बताया गया कि नया साल और बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए दंपती देर रात तक नहीं सोए थे। रात करीब दो बजे वह नीचे से कोयले का तसला लेकर ऊपर पहुंचे थे। इसके बाद वह नीचे नहीं आए। मकान मालिक आलोक बंसल पत्नी के साथ नववर्ष की पार्टी मनाने के लिए होटल गए थे। उनकी मां और बेटी घर पर थे। बेटा दोस्तों के साथ घर के बाहर कोयले से हाथ ताप रहा था, जबकि कोठी के तृतीय तल पर नौकर दंपती और उनकी बेटी थे।
मकान मालिक ने बताया कि वह रविवार सुबह 11 बजे सोकर उठे। स्नान करने के बाद मंदिर में पूजा करने चले गए। उन्होंने बताया कि कोठी में भी पूजा का आयोजन था। 12 बजे पंडित कोठी पर पहुंच गए। इसके बाद परिवार के लोग पूजा में लग गए। नेपाली नौकर चंदर को उन्होंने फोन मिलाया, लेकिन नहीं उठा। उसी समय वह ऊपर जाते तो शायद जान बच सकती थी।
कमरे में नहीं कोई वेंटिलेशन
कोठी की तीसरी मंजिल पर सर्वेंट रूम में दरवाजे के अलावा एक खिड़की है। सर्दी के कारण यह बंद थी। अन्य कोई वेंटीलेशन नहीं है। कमरे में कोयला सुलगने के कारण गैस बन गई थी। इससे हादसा हो गया।