मेरठ जनपद में सरधना थाना क्षेत्र के जाफराबाद दुर्वेशपुर गांव में सोमवार को चुनावी रंजिश में दो पक्षों में मारपीट, पथराव के बाद फायरिंग हो गई। इसमें 12 लोग घायल हो गए। घटना के बाद तनाव को देखते गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। बाइक टकराने के विवाद में यह संघर्ष हुआ। ग्राम प्रधान और दूसरे पक्ष ने एक-दूसरे पर आरोप लगाकर तहरीर दी है। वहीं, पुलिस ने दोनों पक्षों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चुनावी रंजिश में खूनी संघर्ष: मेरठ के इस गांव में जमकर पथराव और फायरिंग, 12 लोग हुए घायल, देखिए तस्वीरें
इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट के बाद पथराव शुरू हो गया। एक पक्ष ने फायरिंग का भी आरोप लगाया है। इस संघर्ष में जावेद, शाहिद, फुरकान, शाबुद्दीन, अंकुर, अंकित, सायमा और वहीदन सहित 12 लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। एसपी देहात केशव कुमार भी पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को शांति से रहने की चेतावनी दी। पुलिस की ओर से भी दोनों पक्षों पर बवाल करने और शांति भंग करने पर केस दर्ज किया है।
थाने में भी दोनों पक्षों में हाथापाई
दोनों पक्षों के कुछ घायल और परिजन थाने पर भी हंगामा करने लगे। इसके बाद पुलिस ने चेतावनी देकर उन्हें शांत कराया। यहां आए घायलों को सीएचसी भेजा गया।
सांसद प्रतिनिधि और इंस्पेक्टर में नोकझोंक
बागपत सांसद सत्यपाल सिंह के प्रतिनिधि कपिल शर्मा सरधना थाने पहुंचे। इस दौरान उनकी इंस्पेक्टर सरधना से तीखी नोकझोंक हो गई। इंस्पेक्टर ने जांच के बाद निष्पक्ष कार्रवाई करने की बात कही। इंस्पेक्टर ने कहा कि मामले को कोई नया रंग नहीं दिया जाएगा।
चुनावी रंजिश के कारण यहां तनाव बढ़ा। हाल ही संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद दोनों पक्षों के लोगों को उकसाया जा रहा है। गांव में दो गुट बने हैं। सोमवार को गांव में पथराव व फायरिंग का कारण भी पुलिस की ढीली कार्रवाई का नतीजा बताया जा रहा है। करीब एक साल से गांव में तनाव चल रहा है, इसके बावजूद भी पुलिस ने गंभीरता नहीं बरती। चर्चा है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद एक पक्ष ने ऐलान किया था कि अब उनको देख लेंगे। वहीं, गांव में तनाव को देखते हुए एसपी देहात और सीओ सरधना ने गांव में फ्लैग मार्च निकाला और लोगों से शांति की अपील की।