मेरठ में चार सितंबर को हुई मुठभेड़ मेरठ पुलिस के गले की फांस बन सकती है। दरअसल इस मुठभेड़ को लेकर तीन इंस्पेक्टर समेत कुल 28 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया गया है। आरोप है कि ये मुठभेड़ फर्जी थी। वहीं मामले में 25 सितंबर को मामले की सुनवाई होगी:-
ऐसे खुली फर्जी मुठभेड़ की पोल, तीन इंस्पेक्टर सहित 28 के खिलाफ कोर्ट पहुंचा मामला, वजह है बड़ी
मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए शुक्रवार को अदालत में सर्विलांस इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी, इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह व इंस्पेक्टर नौचंदी तपेश्वर सागर समेत 28 पुलिसकर्मियों के खिलाफ वाद दायर किया गया है। आरोप है कि पुलिस ने सभी को घर से उठाकर दो अलग स्थानों पर मुठभेड़ दिखाई थी।
मुठभेड़ में तीन को लगी थी गोली : पुलिस ने बताया था कि नौचंदी मैदान में चेकिंग के दौरान कार सवार चार संदिग्ध युवकों को रुकने का इशारा किया था। इस पर युवकों ने गोली चला दी। जवाबी फायरिंग में अनीस उर्फ काला निवासी कांशीराम कॉलोनी खरखौदा और इरफान उर्फ लाल निवासी श्यामनगर के पैर में पुलिस की गोली लगी थी। दो आरोपी सरताज और इनाम निवासी लिसाड़ीगेट फरार हो गए। उसके आधे घंटे बाद बिजली बंबा बाईपास पर मुठभेड़ हुई, जिसमें सरताज को गोली लगी थी, जबकि इनाम को फरार बताया था।
मामले में माधवपुरम ब्रह्मपुरी निवासी शरद ने कोर्ट में वाद दायर किया है। मुठभेड़ में पुलिस की गोली से घायल सरताज के साथ ब्रह्मपुरी पुलिस ने शरद को नामजद आरोपी बनाया। वाद में शरद ने आरोप लगाया कि सर्विलांस में तैनात सिपाही मनोज दीक्षित ने उसको व्हाट्सएप कॉल कर 20 लाख रुपये की डिमांड की। वाद में एक सीडी भी दाखिल की गई है। जिसमें चार सितंबर देर रात 2:33 बजे सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों के बीच इनाम जा रहा है। उसे पुलिस ने मुठभेड़ में भागना बताया था।
इन पुलिसकर्मियों के नाम
इस वाद में सर्विलांस इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी, इंस्पेक्टर नौचंदी तपेश्वर सागर, इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह समेत दरोगा प्रेमपाल सिंह, उधम सिंह, अंकित कुमार, सिपाही मनोज दीक्षित, बंटी, मुनीश शर्मा, संतरपाल, सौरभ, विकास भारद्वाज, निकुंज कुमार, परविंद्र, मनोज, उपेंद्र कुमार, मलखान सिंह, मोहित पंवार, नवीन सिंह, अजय, कामिल, आशीष, सतीश चंद, निकेश, आदेश, सुधीर, एचसी सत्यवीर सिंह आदि को नामजद किया गया है।