मेरठ जनपद के हस्तिनापुर में पांडव टीले पर चल रहे उत्खनन कार्य में बुधवार को पुरातत्व विभाग की टीम को मंदिर के स्तंभ का अवशेष मिला है। इसके साथ ही घूसर मृदभांड, हड्डियां, कांच और शंख की चूड़ियां, चित्रित मृदभांड भी प्राप्त हुए हैं।
विशेषज्ञों ने संभावना जताई है कि करीब तीन फीट का यह स्तंभ 2500 साल पुराना हो सकता है। उत्खनन से निकला यह स्तंभ 10वीं और 11वीं शताब्दी के बीच का माना जा रहा है। इसमें खूबसूरत नक्काशी भी दिखाई दे रही है।
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हस्तिनापुर में पांडव टीले पर उत्खनन जारी।
- फोटो : amar ujala
विशेषज्ञों का मानना है कि यहां पर प्राचीन समय में मंदिर होने की संभावना है। ऐसी संभावना को देखते हुए टीम अन्य प्राचीन तथ्यों को खोजने का भरसक प्रयास कर रही है।
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पांडव टीले पर उत्खनन जारी।
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फिलहाल सभी अवशेषों को जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। पांडव टीले पर लगाए गए ट्रेंच में खुदाई करीब 25 फीट तक पहुंच चुकी है।
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हस्तिनापुर में उत्खनन।
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बड़े रहस्य खुलने की संभावना
पुरातत्व विभाग की टीम ने संभावना जताई कि यहां पर कई बड़े अवशेष मिल सकते हैं। कई रहस्यों से पर्दा उठ सकता है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि अभी तक मिल रहे तथ्यों से यह बात साबित हो चुकी है कि पांडव टीले में कई बड़े रहस्य दबे हुए हैं।
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खुदाई के दौरान मिला 25 सौ साल पुराने मंदिर का स्तंभ।
- फोटो : amar ujala
खुदाई में इस बात के साक्ष्य मिल चुके हैं कि हस्तिनापुर को कई बार बाढ़ ने नष्ट किया। अलंकृत स्तंभ मिलने से संभावना बढ़ गई है कि यहां प्राचीन काल में मंदिर रहा होगा।