मेरठ में पांच लोगों की निर्ममता से हत्या कर दी गई। मृतकों में एक वर्ष की बच्ची समेत तीन बेटियां और दंपती शामिल हैं। ये सभी एक ही परिवार के हैं और अपने ही मकान के भीतर कमरे में रखे बेड बाॅक्स में इनके शव मिले हैं।
दरअसल लिसाड़ीगेट की सुहेल गार्डन काॅलोनी में मोईन अपने परिवार के साथ रहता था। कुछ ही दूरी पर उसके भाई भी रहते हैं। मोईन मकान का निर्माण करा रहा था। बुधवार को लिंटर डलने की खुशी में लड्डू बांटे गए लेकिन अचानक पूरा परिवार गायब हो गया। गुरुवार देर रात को सभी की लाशें बेड बाॅक्स से बरामद हुईं। मामला तब खुला, जब मोईन के भाई तसलीम और मोमिन मौके पर पहुंचे।
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हापुड़ से पहुंचा आसमा का भाई।
- फोटो : अमर उजाला
मोईन के भाई तसलीम और मोमिन के अनुसार मोईन ने सुबह खुशी लिंटर की खुशी में लड्डू बांटे थे, इसके बाद कोई उनके घर नहीं गया। शाम को घर का दरवाजा बाहर से बंद था। तसलीम का कहना है कि मुझे अपनी पत्नी को अस्पताल लेकर जाना था। डॉक्टर को दिखाने के बाद मैं शाम को मोईन के घर पहुंचा।
वहीं, हापुड़ में रहने वाला आसमा का भाई शफीक भी देर रात बदहवास हालत में मौके पर दहाड़े मारता हुआ पहुंचा। वह कहता रहा कि आसमा को पहले पति से कोई औलाद नहीं थी। बहन, बहनोई और बच्चों के जाने का गम पहाड़ की तरह शफीक पर टूट रहा था। मौके पर मौजूद लोग हमदर्दी लिए उसे ढांढस बंधाते रहे।
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माैके पर जमा क्षेत्र के लोग
- फोटो : अमर उजाला
भतीजी बोली- कल रात 9 बजे हमारी बात हुई
भतीजी तरन्नुम ने बताया कि हम लोग कल से चाचा (मोईन) को ढूंढ रहे थे। हमें लगा कि कहीं चले गए होंगे। कल रात 9 बजे हमारी बहन की चाचा से फोन पर बात हुई। सब सामान्य बात हुई। नहीं पता, फिर क्या हुआ। हमारा घर तो थोड़ी दूर है। यहां घर के बाहर ताला बंद था।
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आसमा का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
हत्या की खबर पाकर मोईन के पड़ोसी रहे मोहम्मद वसीम पहुंचे। उन्होंने बताया कि साल 2009 तक मोईन परिवार के साथ जाकिर कॉलोनी में मक्का मदीना मस्जिद वाली गली में रहते थे। मोईन के सभी भाई राज मिस्त्री का काम करते हैं। मोईन मवाना और रुड़की में भी रहे थे। डेढ़ महीने पहले ही परिवार यहां आया था। ये लोग बहुत सीधे-सादे थे। परिवार का किसी से विवाद भी नहीं था।
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मोइनुद्दीन का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को ही लिंटर डाल कर लड्डू बांटे थे
मोईन ने बुधवार को मकान का लिंटर डाला था। पूरे मोहल्ले में लड्डू बांटे थे। रात करीब नौ बजे तक उनके मकान में चहल पहल थी। इसके बाद ही रात में हत्यारों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया।