मेरठ में मोदीपुरम के गांव दुल्हैड़ा गांव में दीपक चौहान की हत्या के बाद शनिवार को तनावपूर्ण शांति रही। गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग परिजनों को सांत्वना देने के लिए आते रहे। सुरक्षा की दृष्टि से आरोपी व मृतक के घर पर पुलिस व पीएसी बल तैनात रहा।
सदमे में परिजन: मां-पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल, गांव की गलियों में पसरा सन्नाटा, खौफनाक थी पूरी वारदात
वहीं शुक्रवार दोपहर दीपक का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने डीएम को गांव में बुलाने की मांग करते हुए सड़क पर शव को रखकर जाम लगा दिया था। रात करीब एक बजे परिजनों ने बिना किसी मांग के दीपक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी रितिक व भोलू को जेल भेज दिया। अन्य की तलाश में दबिश दी।
हिस्ट्रीशीटर की मौत की उड़ी अफवाह
दीपक की हत्या के आरोपी हिस्ट्रीशीटर रितिक की मौत की अफवाह शनिवार को गांव में फैल गई। इससे एक बार फिर जातीय तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने जब रितिक के ठीक होने की जानकारी दी तो सब ने राहत की सांस ली। दरअसल, हत्या के बाद रितिक अपने भाई भोलू के साथ ही गांव में छिप गया था। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
तीन महीने पहले खुली थी हिस्ट्रीशीट
रितिक पहले भी कई मामलों में जेल चुका है। जुलाई माह में पल्लवपुरम थाना प्रभारी अवनीश कुमार ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोलकर गैंगस्टर में निरूद्घ किया था। वह जमानत पर जेल से छूटा था। अब गांव में रुतबा कायम करना चाहता था। बृहस्पतिवार देर रात शराब के नशे में उसने वारदात कर दी। पुलिस मौके पर मौजूद न होती तो भीड़ रितिक को मार देती। गांव में बवाल होने से बच गया।
जाम लगाने वालों की हो रही पहचान
दीपक का शव गांव आने के बाद ग्रामीणों ने परिजनों के साथ मिलकर शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था। पुलिस के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। पुलिस के साथ धक्का मुक्की की। इस मामले में पुलिस जाम लगाने वाले लोगों की पहचान कर रही है। पहचान के बाद पुलिस से अभद्रता करने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जायेगा।