पुलिस ने बुलंदशहर बवाल से संबंधित करीब 203 वीडियो जुटाई हैं, जिनमें यह देखा जा रहा कि बवाल कहां से शुरू हुआ और लोगों की भीड़ कैसे उत्तेजित हुई। जांच अधिकारियों को इस प्रकरण में एक महत्वपूर्ण वीडियो मिला है, जिसमें एक जीतू नाम का शख्स भीड़ में गोली चलाता दिखाई दे रहा है। यह शख्स कोई आम आदमी नहीं बल्कि एक फौजी है जो कि जम्मू में तैनात है।
बुलंदशहर बवाल में शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या के आरोपी फौजी जितेंद्र उर्फ जीतू को आर्मी ने एसटीएफ के हवाले कर दिया। शुक्रवार को एसटीएफ नोएडा जम्मू पहुंची और वहां से उसे कस्टडी में लेकर आई। इस प्रकरण में बुलंदशहर पुलिस ने पांच अन्य आरोपियों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फौजी को गोपनीय जगह पर रखकर एसटीएफ पूछताछ कर रही है।
इंस्पेक्टर की हत्या के बाद फौजी ने अपनी आरआर-22 यूनिट जम्मू में आमद करा दी थी। पुलिस के मुताबिक थाना स्याना क्षेत्र के गांव महाव निवासी आरोपी फौजी जितेंद्र उर्फ जीतू ने चौकी चिंगरावठी पर हुए बवाल में गोली चलाई थी।
पुलिस का दावा है कि उसी की चलाई गोली से इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की मौत हुई। इसकी जांच एडीजी इंटेलीजेंस, एसटीएफ और एसआईटी संयुक्त रूप से कर रही है। बता दें कि एसटीएफ नोएडा और बुलंदशहर पुलिस गुरुवार को फौजी को लेने के लिए जम्मू रवाना हुए थे। शुक्रवार को सीओ एसटीएफ ने जम्मू में सेना के अधिकारियों से बातचीत की। बुलंदशहर पुलिस फौजी को कस्टडी में लाने के लिए कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लेकर गई थी। पुलिस ने सारी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का दावा भी किया था।
वहीं, बवाल के कारणों की जांच के लिए गठित एसआईटी भी खुफिया रिपोर्ट के अहम बिंदुओं को जांच में शामिल कर रही है। इसमें देखा जा रहा है कि क्या घटना सुनियोजित थी या फिर उत्तेजना और लापरवाही का नतीजा रही। ऐसे क्या कारण बने, जिसके चलते एकाएक हालात बिगड़ते चले गए थे। किस स्तर पर लापरवाही रही।
बुलंदशहर बवाल की जांच के लिए आईजी मेरठ रेंज रामकुमार वर्मा के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) गठित की गई। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के आधार पर ही एसआईटी भी सबसे पहले यह जानकारी जुटा रही है कि बवाल के कारण आखिर क्या रहे। जांच बिंदुओं के अनुसार भीड़ अचानक से इतनी उग्र क्यों हो गई थी। स्थानीय युवक सुमित की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस टीम पर किन कारणों से हमला हुआ।