प्रेम प्रसंग, पारिवारिक विवाद और रिश्तों में बढ़ती खाई कई परिवारों को ऐसी त्रासदी तक ले गई, जहां अंत हत्या पर हुआ और अब आरोपी महिलाएं सलाखों के पीछे अपनी जिंदगी गुजार रही हैं। चौधरी चरण सिंह जिला कारागार, मेरठ में इस समय पति की हत्या के आरोप में 9 महिलाएं बंद हैं।
इनमें नीले ड्रम में पति का शव सीमेंट से भरने के चर्चित मामले की आरोपी मुस्कान, पति को सांप से डसवाने के आरोप में दामिनी और प्रेमी के साथ मिलकर शूटर से पति की हत्या कराने की आरोपी अंजलि भी शामिल हैं।
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सौरभ हत्याकांड, साहिल-मुस्कान
- फोटो : अमर उजाला
जेल प्रशासन के अनुसार, इन नौ महिलाओं के अलावा छह अन्य महिलाएं भी जेल में बंद हैं, जिनके खिलाफ अपने पतियों को आत्महत्या के लिए उकसाने अथवा प्रताड़ित करने के आरोप में मुकदमे दर्ज हैं। सभी महिलाओं को जेल परिसर के महिला अहाते की 12ए और 12बी बैरकों में रखा गया है।
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वीरेश राज शर्मा, जेल अधीक्षक मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
जेल में बदल रही दिनचर्या
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल में बंद महिलाओं को खाली नहीं रहने दिया जाता। उन्हें कौशल विकास कार्यक्रम से जोड़ा गया है, ताकि वे सकारात्मक गतिविधियों में समय बिता सकें। महिलाएं सिलाई, बुनाई, फुटबॉल निर्माण समेत अन्य कार्यों में हिस्सा ले रही हैं। इसके अलावा समय-समय पर उन्हें काउंसिलिंग और जागरूकता कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाता है।
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वरिष्ठ जेल अधीक्षक, जिला कारागार मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
चर्चित मामलों से सुर्खियों में रही मेरठ जेल
मेरठ जेल में बंद कई महिला आरोपी ऐसे मामलों से जुड़ी हैं, जिन्होंने प्रदेश ही नहीं, देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। खासकर मुस्कान का नीले ड्रम हत्याकांड, दामिनी का सांप से डसवाकर हत्या कराने का मामला और अंजलि का शूटर के जरिए पति की हत्या कराने का मामला लंबे समय तक चर्चा में रहे। इन मामलों की सुनवाई अभी अदालतों में जारी है।
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सौरभ का फाइल फोटो व मुस्कान और साहिल
- फोटो : अमर उजाला
पछतावे के साथ कट रही जिंदगी
जेल प्रशासन का कहना है कि अधिकांश महिलाएं अब अपने किए पर पछतावा जताती हैं और जेल की दिनचर्या के बीच नया जीवन शुरू करने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, उनके मामलों का अंतिम फैसला अदालतों को करना है। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल में बंद हैं और अपने मुकदमों का सामना कर रही हैं।