बच्चियों से दरिंदगी का मामला: पुलिस की भूमिका संदिग्ध, आयोग को भेजी जांच रिपोर्ट
राखी त्यागी ने रविवार को पीड़ित बच्चियों और उनके परिजनों से मुलाकात की थी। समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों को भी उन्होंने जांच का आधार बनाया। बताया कि जांच के दौरान पीड़ित परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं पाई गई। बच्चियों ने जो जानकारी दी, उससे स्पष्ट हो गया कि विमल चंद लालच देकर उनका यौन शोषण करता रहा।
एनजीओ को तरजीह
आयोग की सदस्य राखी त्यागी ने बताया कि समाचार पत्रों में पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे थे, इसके बाद वो खुद भी पीड़ितों से रूबरू हुईं। रविवार को जब उन्होंने एसएसपी को कॉल कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने की बात कही तो एसएसपी ने कहा कि पहले चाइल्ड वेलफेयर कमेटी से स्वीकृति ले लो।
इससे साफ पता चलता है कि एसएसपी आयोग के ऊपर एक एनजीओ को तरजीह दे रहे हैं, जो आयोग के प्रोटोकॉल के विपरीत है। साथ ही मेडिकल एसओ ने भी उन्हें काफी बरगलाने की कोशिश की, जिसके चलते वह दोपहर में थाने से ही लौट आईं। शाम को फिर से पीड़ित परिवारों से जाकर मिलीं। इस पूरे घटनाक्रम को भी उन्होंने रिपोर्ट में शामिल किया है।
राखी त्यागी ने कहा कि पीड़ित परिवारों को पूरी सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही आरोपी और उसको संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आयोग इस संबंध में अपने स्तर से कार्रवाई तय कराएगा।
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