मेरठ में भाजपा से तीन बार पार्षद रह चुके प्रदीप गुप्ता की कोठी में रविवार शाम वीर बहादुर ने गार्ड मनोज को खीर-पराठा में नशीला पदार्थ खिलाया। इसके बाद 80 लाख की लूट को अंजाम दिया। प्रदीप अपने परिवार सहित बेटी सांची की सगाई समारोह के लिए दिल्ली गए हुए थे। वीरू एक सप्ताह पहले ही कोठी में आया था। वीरू दिल्ली में बिल्डर के यहां पर गुरुग्राम स्थित फर्जी सिक्योरिटी कंपनी के जरिये लगा था। दिल्ली में बिल्डर राघव को चाय में नशीली दवा देकर 10 लाख रुपये, सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हुआ था। मेरठ पुलिस ने मंगलवार को नौकर वीरू के बारे में काफी जानकारी जुटाकर शहर में कई जगह पर सीसीटीवी कैमरे देखें। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि नौकर की तलाश में पांच टीमें लगी हैं।
Meerut: नेपाली नौकर की तलाश में जुटीं पुलिस की पांच टीमें, 25 हजार का है इनामी
तीन वारदात, 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ, नतीजा कुछ नहीं
तीन नवंबर में डॉक्टर अभिताभ गौतम के यहां चोरी, सपा कार्यकर्ता श्रवण कुमार के घर डकैती, बिल्डर प्रदीप गुप्ता की कोठी में लूट की घटना करने वाले बदमाशों का पुलिस सुराग नहीं लगा सकी। पुलिस ने तीनों वारदात में 20 से अधिक लोगों से पूछताछ की, लेकिन नतीजा शून्य है।
नशीला खाना खाने वाले मनोज की हालत अभी स्थिर है। वह अस्पताल में भर्ती है। अभी उससे और जानकारी भी नहीं मिल पाई है। दूसरे गार्ड राकेश ने बताया कि उसकी ड्यूटी से पहले वारदात हो चुकी थी। सामान बिखरा था। प्रदीप गुप्ता को फोन किया था, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद दरवाजा बंद कर वह गेट पर आकर बैठ गए थे। सिक्योरिटी कंपनी के सरदार अमन सिद्धू और उनके साथी को टीपीनगर थाने में पूछताछ जारी है। उन्होंने नेपाली नौकर की आईडी क्यों नहीं ली, इसकी जांच हो रही है। कोठी में काम करने वाले सभी कर्मचारियों से मंगलवार को भी पूछताछ हुई।
इस केस में यह भी सवाल उठ रहा है कि दिल्ली में बिल्डर के घर वारदात में वांछित वीरू को यहां मेरठ में इतनी आसानी से नौकरी कैसे मिल गई। दिल्ली में घटना के समय वीरू के एक साथी माधव का नाम भी सामने आया था। पुलिस इसका लिंक भी तलाश कर रही है। वहीं, इस मामले में प्रदीप के परिचित दो आईपीएस भी इस केस में अपने स्तर पर छानबीन कर रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के जरिये आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने नेपाल भी अपनी टीम लगा दी है। दिल्ली से वांछित होने के बाद भी मेरठ में वीरू को नौकरी मिल गई।
प्रदीप गुप्ता की कोठी में लूट की वारदात के बाद पुलिस जिले में बंगाली और नेपाली नौकरों का सत्यापन कराएगी। ऐसे नौकरों की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही लूट और चोरी की वारदात करने वाले नौकरों का अलग से रिकार्ड रखा जाएगा। इनकी निगरानी की जिम्मेदारी एसपी सिटी और एसपी देहात को दी गई है। अभी तक इन नौकरों का रिकार्ड पुलिस के पास नहीं है। भविष्य में आपराधिक घटनाएं रोकने के लिए अब इनका सत्यापन शुरू कराया जा रहा है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि थाना स्तर पर इन नौकरों का रिकार्ड बनाकर सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को भी शातिर नौकराें या किराएदारों से सतर्क रहना होगा।