उत्तर प्रदेश में एक ऐसा गांव है, जहां पुलिस पर दर्जनों बार हमला हो चुका है। ताजा मामला शुक्रवार का है। जब दिल्ली पुलिस इस गांव में गौ-तस्करों की तलाश में दबिश देने पहुंची तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इतना ही नहीं बल्कि दो सिपोहियों को बंधक बनाकर पीटा गया। बताया जाता है कि इस गांव की महिलाएं और बच्चे छतों पर ईंट-पत्थर तैयार रखते हैं। इससे पहले भी यहां हरियाणा, पंजाब और दिल्ली पुलिस पर हमले हो चुके हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
ये है पूरा मामला
मेरठ सरधना के मढि़याई गांव में शुक्रवार सुबह पशु चोरों की तलाश में दबिश देने पहुंची दिल्ली पुलिस पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। साथ ही दो सिपाहियों और दो पशु मालिकों को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की।
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इस दौरान अन्य पुलिसकर्मी मौके से भाग खड़े हुए। सूचना पर फोर्स के साथ पहुंचे सरधना सीओ ने बंधकों को मुक्त कराया। वहीं पूर्व प्रधान के भाई ने लोगों को पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर शांत कराया। दिल्ली रोहिणी के गांव पवन खेड़ा निवासी पवन और जयवीर के 13 पशु चार नवंबर को चोरी हो गए थे।
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इस मामले की रिपोर्ट थाना समसपुर बादली में दर्ज कराई गई थी। चोरी में मढ़ियाई के लोगों का नाम सामने आया था। चोरों की तलाश में एसआई लखन सिंह शुक्रवार को सरधना कोतवाली पहुंचे। यहां से महिला कांस्टेबल वीकू, सिपाही व अन्य पुलिस कर्मियों को लेकर मढ़ियाई गांव पहुंचे। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर उन्हें चोरी हुए पशुओं में से एक भैंसा वहां बंधा मिला।
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पहले भी पुलिस पर हो चुके हैं हमले
मढ़ियाई में शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की दबिश के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। उसके बाद भी ग्रामीणों ने हिरासत में लिए गए दो-तीन आरोपियों को पुलिस से छुड़ा लिया। इस गांव में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी यहां दर्जनों बार दिल्ली, हरियाणा व पंजाब की पुलिस पर हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस की माने तो यहां रहने वाले बंजारा जाति के लोग पुलिस पर हमले के लिए घरों में ईंट-पत्थर जमा करके रखते हैं। दबिश के दौरान महिलाएं और बच्चे भी पुलिस पर हमला करने में पीछे नहीं रहते।