चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग के छात्र-छात्राएं लगातार पेंटिंग के क्षेत्र में बढ़ रहे हैं आगे। अपनी कलाकारी से विभाग ही नहीं विश्वविद्यालय के अन्य हिस्सों व दीवारों को भी बनाया खूबसूरत देखें ये तस्वीरें:-
सीसीएसयू: अद्भुत कला से बोल उठीं कैंपस की दीवारें, यहां मूक चित्रों को मिलते हैं शब्द
मेरठ में चौधरी चरण सिंह विवि केवल राजनीतिक गलियों में ही चर्चा का विषय नहीं हैं। यहां के युवा कलाकारों की कला भी लोगों के आकर्षण का विशेष केंद्र हैं। विवि के ललित कला विभाग के विद्यार्थियों ने अपने हुनर और सकारात्मक सोच से न सिर्फ विभाग की दीवारों को एक नया सौंदर्य दिया है, बल्कि कैंपस के अन्य कोनों को भी खूबसूरती से नवाज़ा है।
2004 से कैंपस में ललित कला विभाग संचालित हैं। जहां छात्रों को फाइन आर्ट में स्नातक, स्नातकोत्तर व शोध की शिक्षा दी जाती है। विभाग के युवा चित्रकारों ने विभाग की दीवारों को म्यूरल से लेकर वर्ली पेंटिंग, मधुबनी, तंजौर से सजाया है। साथ ही सीमेंट और प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी कलाकृतियां भी विभाग की खूबसूरती में चार चांद लगा रही हैं। कैंपस में बड़ी-बड़ी दीवारों को छात्रों ने स्वयं 15-15 दिनों के प्रोजेक्ट वर्क में सुंदर म्यूरल्स से सजाया है। साथ ही सीमेंट व पीओपी की मदद से हिरन, जिराफ, भालू आदि की आकृतियां बनाई हैं। क्ले पर फ्री आर्ट वर्क और भित्ती चित्रों का निर्माण भी किया है।
जगह की है बहुत दरकार
ललित कला विभाग के पास जगह की काफी कमी है। विभाग की शिक्षिकाएं व छात्र-छात्राएं कहते हैं ललित कला विभाग को जो स्थान चाहिए हमें वो स्थान नहीं मिला। लैंडस्केपिंग, मूर्ति निर्माण सहित अन्य काम करने में जगह की कमी काफी खलती है। जगह कम होने के कारण यहां प्रदर्शनी भी नहीं लगा पाते। इंस्टालेशन के लिए भी पूरा स्थान नहीं मिलता।
लोक चित्रकारी व आधुनिक कला का संगम
ललित कला विभाग में चित्रों से सजीं दीवारों पर छात्रों ने प्रांतीय लोक चित्रकारी से लेकर आधुनिक कला का अद्भुत संगम उकेरा है। म्यूरल में वर्ली, मधुबनी, तंजौर के साथ ही थ्रीडी पेंटिंग इफेक्ट दिया है। दीवारों पर कैनवास से सजे चित्रों में पोट्रेट वर्क, फाइन लाइन वर्क, शेड वर्क है। साथ ही अलग-अलग स्ट्रोक के प्रयोग से बनी तस्वीरें भी हैं।