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इंस्पेक्टर की शहादत: अंतिम यात्रा पर स्कूली बच्चों ने किया सैल्यूट, बिलखता रहा बेटा, पिता ने कही ये बात!

Fri, 24 Jan 2025 12:12 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: डिंपल सिरोही Updated Fri, 24 Jan 2025 12:12 PM IST
सार

STF Inspector Sunil Kumar News: शामली-करनाल बाॅर्डर पर बदमाशों से हुई मुठभेड़ के दाैरान बलिदान हुए जांबाज इंस्पेक्टर को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी तो हर किसी की आंखें नम हो गईं।

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Inspector Martyrdom: School children saluted him during his last journey, son kept crying, father cried
शामली एनकाउंटर, इंस्पेक्टर सुनील कुमार - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के गंगानगर में इंस्पेक्टर सुनील कुमार के अंतिम दर्शन को मसूरी गांव में हजारों लोग पहुंच गए। करीब 20 मिनट उनके पार्थिव शरीर को घर पर रखा और फिर श्मशान लेकर पहुंचे। सांसद अरुण गोविल, एडीजी डीके ठाकुर और डीआईजी कलानिधि नैथानी सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने पार्थिव शरीर को कंधा दिया। गांव में स्कूल के बच्चों ने सुनील कुमार पर फूल बरसाए। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। सभी लोग गमगीन थे।

Inspector Martyrdom: School children saluted him during his last journey, son kept crying, father cried
इंस्पेक्टर सुनील कुमार का बलिदान - फोटो : अमर उजाला

पुलिस लाइन से गुरुवार सुबह 9:50 बजे सुनील कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव मसूरी इंचौली में पहुंच गया। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक उनके अंतिम दर्शन के लिए रोते बिलखते उनके घर पर पहुंच गए। बेटी नेहा, बेटा मंजीत, पत्नी मुनेश देवी, पुत्रवधू से लेकर भाई अनिल, रिश्तेदार तिरंगे में लिपटे शरीर को देख बिलख रहे थे। 

परिजनों ने उन्हें किसी तरह संभाला। करीब 20 मिनट तक अंतिम दर्शन किए गए। उसके बाद शव को गांव के बाहर स्थित श्मशान पर ले जाया जाने लगा। जब अंतिम यात्रा घर से निकली तो करीब आधा किलोमीटर लंबी गली लोगों से भरी थी। 

Inspector Martyrdom: School children saluted him during his last journey, son kept crying, father cried
इंस्पेक्टर सुनील कुमार का बलिदान - फोटो : अमर उजाला

पापा अब तो उठ जाओ...
इकलौते बेटे मंजीत को लोग संभाल रहे थे। जब मुखाग्नि का समय आया तो लोगों ने मंजीत को सहारा दिया। उस बीच वह बिलखते हुए बोला- पापा अब तो उठ जाओ...। यह नजारा देख हर किसी की आंख में आंसू आ गए। चचेरे भाइयों ने मंजीत को संभालने की कोशिश की। 

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सैल्यूट करते बच्चे - फोटो : अमर उजाला

यह रहा समय 
-9:50 बजे पार्थिव शरीर घर पहुंचा
-10:25 बजे घर से अंतिम यात्रा के लिए निकले
-10:40 बजे श्मशान घाट पहुंचे
-10:45 बजे राजकीय सम्मान व सलामी
-11:02 बजे बेटे मंजीत ने मुखाग्नि दी

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बलिदानी इंस्पेक्टर को अंतिम सलामी - फोटो : अमर उजाला

मैं मिशन पर हूं...
गांव निवासी कृष्णपाल सिंह के मुताबिक जब भी वह गांव से यहां बाहर कहीं भी मिलते तो उनका हाल चाल जानना चाहते थे। सुनील हमेशा कहते थे कि मैं मिशन पर हूं। यह कहने के बाद हम फिर कुछ नहीं पूछते थे।

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