मेरठ में अतिसंवेदनशील घंटाघर के सटे घने इलाके बनबटान मोहल्ले में सोमवार दोपहर गैस रिफलिंग के दौरान भीषण आग लग गई। आग लगते ही भगदड़ मच गई और धमाकों के साथ सिलिंडर फटने लगे। पूरा क्षेत्र धमाकों से दहल गया। आनन-फानन में आसपास के घर खाली कराए गए। सूचना के करीब 20 मिनट बाद दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आक्रोशित लोगों का कहना है कि गैस रिफिलिंग को लेकर कई बार शिकायतें कीं। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
गैस सिलिंडरों में लगी भीषण आग, धमाकों से दहल उठा घंटाघर, देखें ये 10 तस्वीरें
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कोतवाली थानाक्षेत्र के जत्तीवाड़ा निवासी प्रमोद बंसल का अख्तर मस्जिद के पीछे बनबटान मोहल्ले में काफी पुराना प्रोविजन स्टोर है। पड़ोस में उनके भाई सुशील, प्रमोद बंसल की दुकानें हैं। पुलिस के मुताबिक प्रोविजन स्टोर के प्रथम तल पर कई वर्षों से गैस रिफिलिंग का काम चल रहा था। सोमवार दोपहर भी वहां रिफिलिंग हो रही थी। तभी एक सिलिंडर में आग लग गई। आग की चपेट में आने से प्रदीप बंसल के हाथ झुलस गए। यह देख उसके साथ मौजूद एक युवक वहां से चिल्लाता हुआ भागा। इसका पता चलने पर शोर मच गया। जैसे ही उन्हें पता चला कि सिलिंडरों में आग लग गई है, तो जान बचाने के लिए ऊपर से कूद गया। इसी बीच प्रमोद बंसल भी बाहर आ गए। तभी एक के बाद एक तीन सिलिंडर धमाके के साथ फट गए। जिससे पूरा इलाका धमाकों से दहल गया। भगदड़ मच गई और आग फैलती चली गई।
45 सिलिंडर कब्जे में, छह सिलिंडर फटे
आग की सूचना पाकर एफएसओ संजीव कुमार दमकल की कई गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस ने मौके से करीब 45 सिलिंडर कब्जे में लिए हैं। छह सिलिंडर फटे। जिनमें तीन सिलिंडरों के अवशेष दमकल कर्मियों ने बरामद करना बताया है।
लोगों ने दिखाया साहस, नालों में डाले सिलिंडर
सिलिंडरों में आग की सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गयी और उन्होंने आसपास के घर खाली करा लिए। इसके बाद दमकल की गाड़ियां वहां पहुंच गयी। फायर कर्मियों ने आग बुझानी शुरू की और लोगों ने साहस दिखाकर सिलिंडर बाहर नालों में डाल दिए। करीब 20 ऐसे सिलिंडर आसपास के नालों में डाल दिए गए, जो लीक हो रहे थे।
दहशत में रहे लोग
गैस रिफिलिंग की दुकान के पीछे बने घरों से परिवारों को किसी तरह बाहर लाया गया। धमाके होने और आग लगती देख महिलाएं दहशत में आ गईं। उन्हें किसी तरह वहां से दूसरे स्थान पर भेजा गया। काफी देर तक क्षेत्र के लोग सहमे रहे।