प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या शुरू होते ही अखाड़ों से पहले आम जनता के लिए शाही स्नान खोल दिया गया। दो डुबकी लगाने के आदेश जारी किए गए, एक धर्म और एक कर्म की डुबकी।
अखाड़ों के स्नान के लिए जब कुछ घंटे बचे तो जगह को खाली कराना शुरू कर दिया। भीड़ अधिक होने के चलते सेक्टर 20 के पास रेलिंग टूट गई और भगदड़ मच गई। हमसे 100 मीटर की दूरी पर हादसा हुआ। भगदड़ देख ऐसा लगा कि आज नहीं बच पाएंगे। मोदीपुरम निवासी रवि चौधरी ने हादसे को नजदीक से देखा और वापस लौटते हुए अमर उजाला से फोन पर बातचीत कर जानकारी दी।
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महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
रवि ने बताया कि वह नंगली निवासी केपी, ओमपाल के साथ महाकुंभ में गए हुए थे। पिछले कई दिनों से वह वहां थे। बताया कि मंगलवार रात को अखाड़ों से पहले प्रशासन ने आम जनता के लिए शाही स्नान खोल दिया।
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Mahakumbh 2025 : मौनी अमावस्या पर भगदड़ के बाद संगम नोज पर पहुंची एंबुलेंस।
- फोटो : अमर उजाला।
अखाड़ों का समय हुआ तो जगह खाली कराई जाने लगी, ताकि व्यवस्था न बिगड़े। भीड़ अधिक होने के चलते भगदड़ मच गई और लोग गिर गए। उन्होंने नजदीक से मौत को देखा।
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Mahakumbh : संगम स्नान के लिए उमड़ा आस्था का रेला।
- फोटो : अमर उजाला।
राष्ट्रीय परशुराम परिषद का प्रयागराज महाकुंभ में सेक्टर नौ में शिविर लगा हुआ है। शिविर में मौजूद अजय भारद्वाज ने बताया कि मंगलवार रात में जब भगदड़ मची तो परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील भराला के निर्देश पर सभी पंडाल खोल दिए गए। लगभग पांच से छह हजार श्रद्धालुओं को पंडाल में रखा गया और सभी व्यवस्था उपलब्ध कराई गईं।
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मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम तट पर हुई भगदड़ के बाद मौके पर बिखरा सामान
- फोटो : शिव त्रिपाठी
भगदड़ के दौरान हर कोई अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था। उन्होंने कथा पंडाल से लेकर विश्राम पंडाल और अन्य पंडालों में श्रद्धालुओं को जगह दी। फिलहाल सब सामान्य है। सुनील भराला ने हादसे में श्रद्धालुओं की मौत पर शोक जताया।