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Meerut News: बिना एनओसी चल रहे होटल में एसी के शार्ट सर्किट से लगी भीषण आग
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दमकल और पुलिस ने लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
संचालक का हाथ झुलसा, दो कार जलीं, बराबर स्थित बैंक और एक होटल बचे
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। परतापुर थाना क्षेत्र के दिल्ली रोड पर बिना एनओसी चल रहे अविका होटल में एसी में शॉर्ट सर्किट से शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे भीषण आग लग गई। सोफे पर चिंगारी गिरने से आग कुछ ही देर में ग्राउंड फ्लोर में फैल गई। संचालक का हाथ झुलस गया और दो कार जल गईं। गनीमत रही कि होटल में अतिथि मौजूद नहीं थे। दमकलकर्मियों ने बराबर स्थित इंडियन बैंक और और होटल एलिबरिस्टा में जाने से आग को रोक लिया। सात दमकल वाहनों की मदद से टीम ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। परतापुर थाना पुलिस भी दमकलकर्मियों की मदद में जुटी रही।
होटलकर्मी रतनपाल सिंह ने बताया कि वह होटल संचालक के साथ होटल के बाहरी परिसर में बैठे थे। इसी दौरान होटल के फ्रंट में अंदर से बाईं ओर लगे एसी में शॉर्ट सर्किट हुआ। आवाज सुनकर वह अंदर पहुंचे तो नीचे रखे सोफे में धुआं उठ रहा था। उन्होंने शोर मचाया तो संचालक चंचल उर्फ बंटी भी अंदर पहुंच गया। आग बुझाने की कोशिश में उसका हाथ झुलस गया।
चंचल का कहना है कि उसने होटल का भवन किराये पर लिया हुआ है। चंचल और रतनपाल सिंह ने बताया कि उनके अलावा होटल में और कोई मौजूद नहीं था। उन्होंने बताया कि होटल के नौ अन्य कर्मचारी मां वैष्णोदेवी की यात्रा पर गए हुए हैं। जब आग ने भीषण रूप धारण कर लिया तो वह दोनों भी बाहर निकल आए और पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दे दी। कुछ देर बाद पुलिस और दमकलकर्मियों के अलावा एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले और सीओ ब्रह्मपुरी रामप्रकाश भी मौके पर पहुंच गए।
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बैंक और होटल तक पहुंच गईं आग की लपटें, पीछे थी कई दुकानें
एफएसओ विश्वास गर्ग ने बताया कि उन्हें सुबह लगभग 11 बजे आग की सूचना मिली। उस दौरान उनकी दो गाड़ी अछरोडा में कूड़े के ढेर में लगी आग बुझाने पहुंची हुईं थीं। दो वाहन तुरंत वहां पहुंच गए। यहां कुल सात दमकल वाहन भेजे गए। जब तक दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे होटल आग से झुलस रहा था। आग की लपटें बैंक और बराबर स्थित होटल तक पहुंच गईं थीं। सबसे पहले बैंक और होटल को आग से बचाया गया। होटल के पीछे भी बाजार था। आग यहां भी पहुंचने की संभावना थीं। होटल के ग्राउंड फ्लोर पर रिसेप्शन, लोगों के बैठने के लिए सोफे टेबल आदि पूरी तरह झुलस गए। आठ गेस्ट के कमरे भी आग की चपेट में आ गए।
होटल के के बाहर खड़ी दो कार जलीं
होटल के सामने ही पार्किंग और ग्रीन बेल्ट वाले स्थान पर टेंट आदि की सजावट की हुई थी। इस होटल में समारोह के आयोजन के दौरान इस स्थान पर अतिक्रमण कर टेंट लगाया गया था। एफएसओ ने बताया कि आग इतनी भीषण थीं कि होटल के बाहर टेंट और सजावट के नीचे खड़ी दो कार बुरी तरह जल गईं। एक कार होटल संचालक दूसरी उसके साथी की बताई गई है। आग से सजावट का सामान भी झुलसा। भीषण आग होने के बावजूद काफी तेजी से बचाव किया गया। होटल के बेसमेंट और प्रथम तल पर आग पहुंचने से रोकने का पूरा प्रयास किया गया। हालांकि हीट के चलते कमरे की टाइल्स व कुछ सामान झुलस गए। उन्होंने बताया कि एसी में शॉर्ट सर्किट से ही आग लगने की आशंका है।
न एनओसी न आग से बचाव का बंदोबस्त, लगा जाम
एफएसओ का कहना है कि होटल संचालक ने दमकल विभाग से एनओसी नहीं ली थी। होटल में आग से बचाव के पर्याप्त उपकरण भी नहीं थे। अगर पर्याप्त उपकरण होते और शुरुआत में ही उनका इस्तेमाल किया जाता तो आग इतना भीषण रूप नहीं धारण करती। हालांकि संचालक का कहना है कि उन्होंने आग बुझाने के उपकरण का प्रयोग किया था। वहीं, होटल में आग लगने और बुझाने के दौरान दिल्ली रोड पर जाम लग गया। कुछ देर के लिए होटल के सामने टीपीनगर की ओर आने वाले मार्ग से ही परतापुर की ओर जाने वाले मार्ग भी निकाले गए। पुलिस ने आग बुझाने में मदद करने के साथ-साथ जाम भी खुलवाया।
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लोगों के फंसने की आशंका पर दो बार किए कमरे चेक
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि होटल के कमरों में लोगों के फंसने की आशंका से पुलिस टीम और दमकलकर्मियों ने दो बार प्रथम तल पर स्थित 12 कमरों को चेक किया गया। यहां कोई भी फंसा नहीं था। होटल का स्टाफ बाहर निकाल लिया गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
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इसी होटल में हुई थी मुहब्बत की हत्या, सुप्रीम कोर्ट पहुंची मां
17 फरवरी को इसी अविका होटल में तुर्कमेनिस्तान निवासी मुहब्बत की हत्या कर उसके शव को मवाना क्षेत्र में ले जाकर फेंक दिया गया था। 21 फरवरी को शव बरामद हुआ था और 26 फरवरी को पुलिस ने मौके से मिले आधार कार्ड को देखकर दिल्ली की अर्चिता अरोड़ा मानकर हत्याकांड का खुलासा किया था। पुलिस ने मामले में होटल संचालक देवपुरी निवासी चंचल कुमार उर्फ बंटी, बागपत के जौहड़ी गांव निवासी गुरमुख, प्रभात नगर निवासी संदीप और खजूरीवाली गली मलियाना निवासी विवेक को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना था कि रुपयों के लेनदेन के विवाद में मुहब्बत की हत्या की गई। बाद में आरोपियों को जमानत मिल गई थी।
मुहब्बत की मां नाजमुदिनोवा गुलनारा ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी से जांच कराने की मांग के लिए याचिका दाखिल की है। वारदात के बाद आरोपियों ने सीसीटीवी फुटेज आदि नष्ट कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के जवाब तलब करने के बाद इस होटल में आग लगना चर्चा का विषय बना है।
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संचालक का हाथ झुलसा, दो कार जलीं, बराबर स्थित बैंक और एक होटल बचे
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। परतापुर थाना क्षेत्र के दिल्ली रोड पर बिना एनओसी चल रहे अविका होटल में एसी में शॉर्ट सर्किट से शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे भीषण आग लग गई। सोफे पर चिंगारी गिरने से आग कुछ ही देर में ग्राउंड फ्लोर में फैल गई। संचालक का हाथ झुलस गया और दो कार जल गईं। गनीमत रही कि होटल में अतिथि मौजूद नहीं थे। दमकलकर्मियों ने बराबर स्थित इंडियन बैंक और और होटल एलिबरिस्टा में जाने से आग को रोक लिया। सात दमकल वाहनों की मदद से टीम ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। परतापुर थाना पुलिस भी दमकलकर्मियों की मदद में जुटी रही।
होटलकर्मी रतनपाल सिंह ने बताया कि वह होटल संचालक के साथ होटल के बाहरी परिसर में बैठे थे। इसी दौरान होटल के फ्रंट में अंदर से बाईं ओर लगे एसी में शॉर्ट सर्किट हुआ। आवाज सुनकर वह अंदर पहुंचे तो नीचे रखे सोफे में धुआं उठ रहा था। उन्होंने शोर मचाया तो संचालक चंचल उर्फ बंटी भी अंदर पहुंच गया। आग बुझाने की कोशिश में उसका हाथ झुलस गया।
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चंचल का कहना है कि उसने होटल का भवन किराये पर लिया हुआ है। चंचल और रतनपाल सिंह ने बताया कि उनके अलावा होटल में और कोई मौजूद नहीं था। उन्होंने बताया कि होटल के नौ अन्य कर्मचारी मां वैष्णोदेवी की यात्रा पर गए हुए हैं। जब आग ने भीषण रूप धारण कर लिया तो वह दोनों भी बाहर निकल आए और पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दे दी। कुछ देर बाद पुलिस और दमकलकर्मियों के अलावा एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले और सीओ ब्रह्मपुरी रामप्रकाश भी मौके पर पहुंच गए।
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बैंक और होटल तक पहुंच गईं आग की लपटें, पीछे थी कई दुकानें
एफएसओ विश्वास गर्ग ने बताया कि उन्हें सुबह लगभग 11 बजे आग की सूचना मिली। उस दौरान उनकी दो गाड़ी अछरोडा में कूड़े के ढेर में लगी आग बुझाने पहुंची हुईं थीं। दो वाहन तुरंत वहां पहुंच गए। यहां कुल सात दमकल वाहन भेजे गए। जब तक दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे होटल आग से झुलस रहा था। आग की लपटें बैंक और बराबर स्थित होटल तक पहुंच गईं थीं। सबसे पहले बैंक और होटल को आग से बचाया गया। होटल के पीछे भी बाजार था। आग यहां भी पहुंचने की संभावना थीं। होटल के ग्राउंड फ्लोर पर रिसेप्शन, लोगों के बैठने के लिए सोफे टेबल आदि पूरी तरह झुलस गए। आठ गेस्ट के कमरे भी आग की चपेट में आ गए।
होटल के के बाहर खड़ी दो कार जलीं
होटल के सामने ही पार्किंग और ग्रीन बेल्ट वाले स्थान पर टेंट आदि की सजावट की हुई थी। इस होटल में समारोह के आयोजन के दौरान इस स्थान पर अतिक्रमण कर टेंट लगाया गया था। एफएसओ ने बताया कि आग इतनी भीषण थीं कि होटल के बाहर टेंट और सजावट के नीचे खड़ी दो कार बुरी तरह जल गईं। एक कार होटल संचालक दूसरी उसके साथी की बताई गई है। आग से सजावट का सामान भी झुलसा। भीषण आग होने के बावजूद काफी तेजी से बचाव किया गया। होटल के बेसमेंट और प्रथम तल पर आग पहुंचने से रोकने का पूरा प्रयास किया गया। हालांकि हीट के चलते कमरे की टाइल्स व कुछ सामान झुलस गए। उन्होंने बताया कि एसी में शॉर्ट सर्किट से ही आग लगने की आशंका है।
न एनओसी न आग से बचाव का बंदोबस्त, लगा जाम
एफएसओ का कहना है कि होटल संचालक ने दमकल विभाग से एनओसी नहीं ली थी। होटल में आग से बचाव के पर्याप्त उपकरण भी नहीं थे। अगर पर्याप्त उपकरण होते और शुरुआत में ही उनका इस्तेमाल किया जाता तो आग इतना भीषण रूप नहीं धारण करती। हालांकि संचालक का कहना है कि उन्होंने आग बुझाने के उपकरण का प्रयोग किया था। वहीं, होटल में आग लगने और बुझाने के दौरान दिल्ली रोड पर जाम लग गया। कुछ देर के लिए होटल के सामने टीपीनगर की ओर आने वाले मार्ग से ही परतापुर की ओर जाने वाले मार्ग भी निकाले गए। पुलिस ने आग बुझाने में मदद करने के साथ-साथ जाम भी खुलवाया।
लोगों के फंसने की आशंका पर दो बार किए कमरे चेक
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि होटल के कमरों में लोगों के फंसने की आशंका से पुलिस टीम और दमकलकर्मियों ने दो बार प्रथम तल पर स्थित 12 कमरों को चेक किया गया। यहां कोई भी फंसा नहीं था। होटल का स्टाफ बाहर निकाल लिया गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
इसी होटल में हुई थी मुहब्बत की हत्या, सुप्रीम कोर्ट पहुंची मां
17 फरवरी को इसी अविका होटल में तुर्कमेनिस्तान निवासी मुहब्बत की हत्या कर उसके शव को मवाना क्षेत्र में ले जाकर फेंक दिया गया था। 21 फरवरी को शव बरामद हुआ था और 26 फरवरी को पुलिस ने मौके से मिले आधार कार्ड को देखकर दिल्ली की अर्चिता अरोड़ा मानकर हत्याकांड का खुलासा किया था। पुलिस ने मामले में होटल संचालक देवपुरी निवासी चंचल कुमार उर्फ बंटी, बागपत के जौहड़ी गांव निवासी गुरमुख, प्रभात नगर निवासी संदीप और खजूरीवाली गली मलियाना निवासी विवेक को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना था कि रुपयों के लेनदेन के विवाद में मुहब्बत की हत्या की गई। बाद में आरोपियों को जमानत मिल गई थी।
मुहब्बत की मां नाजमुदिनोवा गुलनारा ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी से जांच कराने की मांग के लिए याचिका दाखिल की है। वारदात के बाद आरोपियों ने सीसीटीवी फुटेज आदि नष्ट कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के जवाब तलब करने के बाद इस होटल में आग लगना चर्चा का विषय बना है।