रविवार सुबह करीब 6 बजे का समय था। रात भर गश्त करने के बाद जिला पुलिस आराम से नींद के आगोश में थी। तभी गंगोह क्षेत्र में सुल्तानपुर के कुख्यात सिराज अहमद की दस्तक होती है और करीब 700 किमी दूर से पीछा करते हुए यहां तक पहुंची लखनऊ एसटीएफ उसे ढेर कर देती है।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या पूर्वांचल के गैंग की पश्चिम में दस्तक हो चुकी है, क्योंकि लखनऊ एसटीएफ का भी दावा है कि सिराज यहां पर बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
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saharanpur encounter
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ एसटीएफ की तरफ से जारी प्रेस नोट में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि सिराज यहां पर छिपा हुआ था, जो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। लखनऊ से सहारनपुर की दूरी करीब 700 किमी दूर है।
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saharanpur encounter
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हैरानी की बात यह है कि लखनऊ एसटीएफ को यह पता चल गया कि सिराज यहां पर छिपा हुआ है, लेकिन स्थानीय पुलिस को कुछ नहीं पता चला। आए दिन कई-कई मुठभेड़ करने वाली तेज तर्रार स्थानीय पुलिस की नजरों से इतना बड़ा कुख्यात बदमाश कैसे चूक गया।
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मुठभेड़ में एक लाख का इनामी शार्प शूटर सिराज ढेर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब स्थानीय पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि आखिर पूर्वांचल के जिलों में सक्रिय रहने वाला मुख्तार अंसारी गैंग का शार्प शूटर सिराज यहां किसके संपर्क में था। उसे किसने और किस लालच में पनाह दे रखी थी।
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मुठभेड़ में एक लाख का इनामी शार्प शूटर सिराज ढेर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आखिर यहां पर ऐसी कौन सी बड़ी वारदात होनी थी, जिसके लिए पूर्वांचल के गैंग के शूटर को यहां पर आना पड़ा। इसके अलावा मुठभेड़ के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर भागा सिराज का वह साथी कौन था? इसका भी जवाब अभी किसी के पास नहीं है।