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प्रियंका का सियासी दांव: चंद्रशेखर के बहाने जातियों के समीकरण तलाशने की कवायद, बसपा में बेचैनी

Thu, 14 Mar 2019 02:22 PM IST
Vikas Kumar अमित मुदगल, अमर उजाला, मेरठ
अमित मुदगल, अमर उजाला, मेरठ Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 14 Mar 2019 02:22 PM IST
सार

  • पार्टी थिंक टैंक की सोच, बसपा की काट के लिए भीम आर्मी को साथ लाना जरूरी।
  • मोदी के सामने चुनाव लड़ने की भी घोषणा कर चुके चंद्रशेखर।
  • इमरान मसूद और चंद्रशेखर की नजदीकियां हैं जगजाहिर।

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Lok Sabha Elections 2019: Priyanka trying to explore equation of castes in excuses of Chandra sekhar
प्रियंका गांधी ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर से मुलाकात कीं - फोटो : अमर उजाला

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर से मिलने आईं प्रियंका गांधी भले ही कह रही हों कि इसका कोई राजनीतिक मकसद नहीं, पर सियासी गलियारों में कई अहम राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल, वेस्ट यूपी में नए समीकरणों का फॉर्मूला तलाशने के लिए ही इस मुलाकात की पटकथा लिखी गई। साथ ही कांग्रेस ने यह भी साफ कर दिया कि अनुसूचित जाति के वोटरों पर सेंध लगाने के लिए कांग्रेस पूरी ताकत लगाएगी। 



भले ही चंद्रशेखर कहते रहे हों कि वह प्रदेश की 79 सीटों पर गठबंधन के साथ हैं, पर उन्होंने एक दूसरा एलान कर कांग्रेस को नए फॉर्मूले की राह पकड़ा दी है। यह एलान रहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनावी ताल ठोंकने का। 

Lok Sabha Elections 2019: Priyanka trying to explore equation of castes in excuses of Chandra sekhar
प्रियंका गांधी वाड्रा व ज्योतिरादित्य सिंधिया

इस एलान ने ही कांग्रेस को यह सोचने पर मजबूर किया कि चंद्रशेखर कांग्रेस के लिए अनुसूचित जाति के वोटरों को जोड़ने का जरिया हो सकते हैं। चूंकि भीम आर्मी, खास तौर से चंद्रशेखर ने अनुसूचित जाति के युवाओं में खास पहचान बनाई है और बसपा भी इससे कहीं न कहीं सचेत है। बसपा को आशंका है कि उसका कैडर वोट कहीं भीम आर्मी के साथ खड़ा न हो जाए। यही कारण है कि बसपाई भीम आर्मी के साथ न होने की बात बार-बार कहते हैं।

Lok Sabha Elections 2019: Priyanka trying to explore equation of castes in excuses of Chandra sekhar
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर - फोटो : अमर उजाला

प्रियंका के दौरे से बसपा में बेचैनी 
प्रियंका गांधी के चंद्रशेखर से मुलाकात के बाद बसपाइयों में बेचैनी का आलम है। इस बाबत बसपा सुप्रीमो मायावती को रिपोर्ट भेजी गई है। बसपाइयों को आशंका है कि प्रियंका का यह दांव कहीं भारी न पड़ जाए। गठबंधन में कांग्रेस के शामिल होने, न होने के लेकर तमाम चर्चाओं का बाजार गरम था। इस पर गत दिवस मायावती ने विराम लगा दिया था। यह कहते हुए कि कांग्रेस से कोई समझौता नहीं हो रहा है। इस गठबंधन से कांग्रेस को दूर रखा गया है। इस पर तत्काल कांग्रेस ने भी तीखे तेवर दिखाए और बुधवार को ही अपनी तुरुप की चाल चलने की कोशिश की।

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Lok Sabha Elections 2019: Priyanka trying to explore equation of castes in excuses of Chandra sekhar
भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर से मिलकर प्रियंका ने इरादे जता दिए कि अनुसूचित जाति के वोटरों पर कांग्रेस की पैनी नजर है। वह इस ओर भी अपना पूरा प्रयास करेगी। इससे बसपाइयों में बेचैनी है। चर्चा है कि बसपाई सिपहसालारों ने इस पर बसपा सुप्रीमो को रिपोर्ट भेजी है। आशंका है कि कहीं अनुसूचित जाति के वोटरों में सेंध न लग जाए। सियासी गलियारों में चर्चा है कि बसपा सुप्रीमो भी इस पर कुछ सख्त तेवर दिखा सकती है।

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प्रियंका गांधी के साथ कई बड़े नेता - फोटो : अमर उजाला

गठबंधन ने अमेठी और रायबरेली में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। चूंकि यहां गांधी परिवार के उम्मीदवार मैदान में उतरते आए हैं। चर्चा है खार खाई बसपा कहीं दोनों सीटों से भी अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा न कर दे। इस बाबत बसपा थिंक टैंक भी नए सिरे से मंथन में जुट गया है और भीम आर्मी की गतिविधियों पर पैनी नजर लगा रखा है।

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