प्रियंका का अस्पताल दौरा कुल 32 मिनट का रहा। इस दौरान उन्हें अव्यवस्था के बीच 15 मिनट तक इंतजार भी करना पड़ा, फिर भी वे सहज दिखीं। एकतरफ जहां भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने कांग्रेस से कोई भी नाता होने से इंकार किया, वहीं प्रियंका ने यही कहा कि वे यहां पर राजनीति करने नहीं, अपने समाज के लिए लड़ रहे एक युवा से मिलने आई हैं। उनके चेहरे पर आत्मविश्वास साफ दिखा।
लोकसभा चुनाव 2019: 32 मिनट..., सियासत, मुस्कान और प्रियंका का सधा अंदाज, मुलाकात पर गरमाई राजनीति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाम पांच बजकर चार मिनट पर मेडिकल साइड से प्रियंका गांधी की गाड़ी आनंद अस्पताल के गेट पर पहुंची। वहां गाड़ी मोड़ने के लिए डिवाइडर पर कट नहीं था। इस पर प्रियंका मुस्कुराईं और गाड़ी से उतरकर डिवाइडर पार कर अस्पताल पहुंच गईं। वे आगे बढ़ रही थीं कि अचानक पुलिस के एक अफसर ने नई कहानी गढ़ दी। शोर मचा दिया कि चंद्रशेखर ने प्रियंका से मिलने से इंकार कर दिया है।
पुलिस अफसरों ने प्रियंका, राजबब्बर और ज्योतिरादित्य सिंधिया को चंद्रशेखर से नहीं मिलने की सलाह दी। राजबब्बर और ज्योतिरादित्य ने कहा कि सामने से हटिए। इस पर एसपीजी ने सबको आगे से हटा दिया। एसपीजी उनको इमरजेंसी वाले गेट से भीतर ले गई। लिफ्ट से सेकेंड फ्लोर पर पहुंचकर सभी 210 नंबर कमरे की तरफ बढ़े तो वहां भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने शोर मचा दिया कि प्रियंका को छोड़कर कोई कांग्रेसी भीतर नहीं जाएगा।
इस दौरान धक्कामुक्की होने पर प्रियंका को 213 नंबर कमरे में 15 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद प्रियंका, राजबब्बर और ज्योतिरादित्य चंद्रशेखर से मिलने पहुंचे। उन्होंने चंद्रशेखर से बात की और नीचे आ गईं। इस दौरान मीडिया से संक्षिप्त बातचीत की और इनोवा गाड़ी में बैठकर निकल गईं।
मैंने तो किसी से मिलने से मना नहीं किया : चंद्रशेखर
प्रियंका से सात मिनट की मुलाकात में क्या बात हुई, इस पर चंद्रशेखर ने अमर उजाला को बताया। बकौल चंद्रशेखर, उन्होंने कांग्रेसियों से कहा कि आप राजनीतिक रूप से आए हैं, तो मुझसे बात करने का कोई फायदा नहीं है। इस पर प्रियंका ने कहा कि तुम सरकार के खिलाफ लड़ रहे हो, मानवता के नाते मिलने आए हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि मैं सामाजिक कार्यकर्ता हूं। 15 तारीख को दिल्ली में हुंकार रैली करके अपनी ताकत दिखा देंगे। वहीं मिलने से इंकार करने के सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि उन्होंने ऐसा बिल्कुल नहीं कहा। प्रियंका जब आईं, तब वह सो रहे थे।