पश्चिमी यूपी में प्रथम चरण के लिए चुनाव प्रचार जोरों पर है। भाजपा के दिग्गज यहां के मतदाताओं का रुख अपनी ओर करने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इसी सिलसिले में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को बागपत संसदीय क्षेत्र की विधानसभा सिवालखास के गांव किनौनी में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जहां भाजपा की उपलब्धियां गिनाईं वहीं चार पार्टियों पर जमकर निशाना साधा। आगे देखें आखिर कैसे योगी ने चुनावी मंच से छोड़े तीखे जुबानी तीर:-
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण की शुरुआत करते ही कांग्रेस के घोषणा पत्र को ढकोसला करार दे डाला। उन्होंने कहा कि पार्टी में शहरी नक्सलियों ने घुसपैठ कर इसे हाईजैक कर लिया है। उन्होंने कहा कि देश में गरीबी आतंकवाद बेरोजगारी के लिए केवल कांग्रेस जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घोषणा पत्र अराजकता का प्रतीक है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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सपा-बसपा गठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन केवल स्वार्थ का गठबंधन है। कानून व्यवस्था पर बोलते हुए योगी ने कहा कि भाजपा सरकार में जो रावण और कंस की औलाद हैं या तो जेल में हैं या राम-नाम सत्य की राह पर निकल गए हैं। इस सरकार में आज बहन-बेटियां पूरी तरह से सुरक्षित हैं। सपा-बसपा सरकार में यह मुमकिन नहीं था।
उन्होंने राष्ट्रीय लोक दल सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह पर मंच से निशाना साधते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह के पुत्र और पोते में कोई गुण नहीं। उन्हें तो यह भी नहीं पता कि चीनी आम के पेड़ पर लगती है या लिप्टस के पेड़ पर। रमाला चीनी मिल के विस्तारीकरण के समय उन्होंने कहा था कि विस्तारीकरण की जरूरत नहीं चीनी का पौधा लगा देंगे, जिससे चीनी पैदा हो जाएगी। सीएम बोले की मुजफ्फरनगर दंगों के समय दंगाइयों के पक्ष में खड़े होकर अजित सिंह ने विरासत को कलंकित करने का कार्य किया।
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सीम योगी की रैली में जुटी भीड़
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सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए वह बोले कि जिस तरह भगवान हनुमान ने लंका में घुसकर उसे जला डाला था। ठीक उसी तरह का कार्य आज हमारी सेना के जवान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों के दौरान देश के अंदर किए गए सार्थक प्रयासों का परिणाम है कि भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। मैं कह सकता हूं कि भारत अगले तीन वर्षों में देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। मैं पूछना चाहता हूं हर एक व्यक्ति से कि भारत का विकास होता है, देश सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनता है तो देश का सम्मान बढ़ता है। तो फिर प्रधानमंत्री की नीतियों पर प्रश्न क्यों?