व्रत, पर्व और सारी पूजा केवल बेटों के लिए क्यों। बेटियों को भी स्वस्थ और सुरक्षित जीवन का हक है। बेटे के जन्म पर खुशियों के मंगलगीत गाएं और बेटी जने तो कोई जश्न नहीं। समाज में चली आ रही ये रुढ़ीवादी सोच बदल रही हैं। तरक्की करती युवा पीढ़ी अब बेटियों के लिए खुशनुमा समाज बुन रही है।
लाड से मनाएंगे लाडली की पहली लोहड़ी, बेटियों के लिए खुशनुमा समाज बुन रहे मेरठ के युवा माता-पिता
खुशनसीब हैं कि बेटी के माता-पिता बने
देवपुरी निवासी पारस सचदेवा और सुभद्रा सचदेवा की बेटी काश्वी सचदेवा की यह पहली लोहड़ी है। पारस और सुभद्रा ने पर्व को धूमधाम से मनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुभद्र कहती हैं बेटा हो या बेटी माता-पिता के लिए तो उसकी संतान ही जिंदगी होती है।
हमारी बिटिया की पहली लोहड़ी है खूब अच्छे से सेलिब्रेट करेंगे। परिवार और दोस्तों के साथ मनाएंगे, ताकि ये दिन यादगार बन जाए। हम बहुत खुशनसीब हैं कि ईश्वर ने हमें तोहफे में एक बेटी दी है।
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रजबन निवासी सचिन अरोड़ा और विधि अरोड़ा अपनी पहली संतान विधांशी की लोहड़ी मनाने के लिए बेहद उत्साहित हैं। विधि कहती हैं घर में बेटा आए तो उसकी लोहड़ी धूमधाम से मनाओ, लेकिन बेटी हो तो जश्न न मनाओ, ऐसा क्यों।
हमारे समाज में शुरू से ही सारे जश्न, पर्व, व्रत तो लड़कों के लिए रखे जाते हैं। बेटियों के हिस्से कोई खुशी नहीं आती। अब लोगों की सोच बदल रही है बेटा-बेटी दोनों को ही खुशियों को जीने का हक है। इसलिए हम अपनी बेटी की पहली लोहड़ी दोस्तों के साथ मनाएंगे। डांस करेंगे और सेलिब्रेशन करेंगे।
संतान की पहली लोहड़ी मनाएं
सुपरटेक निवासी अमिशा और अमान अपनी बेटी अमाइशा की लोहड़ी मनाने के लिए काफी पहले से तैयारी में जुटे हैं। अमिशा कहती हैं ऐसी भी क्या परंपरा कि बेटा पैदा हो तो उसकी लोहड़ी मनाओ, लेकिन बेटी की नहीं। ऐसी परंपराएं गलत हैं।
संतान की पहली लोहड़ी मनानी चाहिए। चाहे वह संतान बेटा हो या बेटी। आज बेटियां विदेश में पढ़ रही हैं, जॉब कर रही हैं तो उन्हें लोहड़ी मनाने का हक क्यों नहीं। हम लोगों ने एक फैमिली गेट टू गेदर रखा है, जिसमें अपनी बेटी की लोहड़ी मनाएंगे।
बवलीन के लिए मम्मी-पापा ने रखी पार्टी
गोविंदपुरी कंकरखेड़ा निवासी जगप्रीत सिंह गुजराल और हरप्रीत कौर अपनी बेटी बवलीन कौर की पहली लोहड़ी शानदार मनाने वाले हैं। जगप्रीत सिंह कहते हैं बच्चे तो भगवान का रूप होते हैं बेटा हो या बेटी कोई फर्क नहीं पड़ता।
भगवान ने हमें पहली संतान के रूप में बेटी दी है, हम बहुत खुशनसीब हैं कि इतनी प्यारी बेटी के मम्मी पापा बने। बेटी क ी पहली लोहड़ी को बहुत अच्छे से सेलिब्रेट करेंगे। उसके जीवन का हर लम्हा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।