मेरठ के कसेरूखेड़ा में 13 घंटे तक तेंदुए का आतंक रहा। तेंदुए ने एक युवक के मुंह पर पंजा मारकर घायल कर दिया। स्कूलों में जल्दी छुट्टी कर दी गई। सुबह 9:20 बजे से वन विभाग और पुलिस की टीम इसे पकड़ने के लिए प्रयास करती रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। तेंदुआ कभी छत तो कभी घर में घुस जाता। इस दौरान 20 हजार की आबादी की सांसें अटकीं रहीं। एक परिवार चार घंटे तक फंसा रहा। बाद में घर की दीवार तोड़कर उसे निकाला। शाम छह बजे ट्रंक्युलाइजर गन से बेहोश कर तेंदुआ पकड़ लिया गया।
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मेरठ में तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
सुबह पांच बजे तेंदुआ दिखाई दिया और 9:20 बजे यह कसेरूखेड़ा की घनी आबादी में घुस गया। सुबह 10 बजे वह ऊंचा मोहल्ला निवासी ललित के घर के बरामदे में पहुंच गया। टीम ने जगह-जगह जाल लगाकर उसे पकड़ने का प्रयास किया।
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मेरठ में तेंदुआ
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इस दौरान तेंदुए ने वन विभाग की टीम और लोगों पर हमला कर दिया। इसमें क्षेत्रीय निवासी अंगद पासी घायल हो गया। वहीं, ललित अपने परिवार के साथ कमरे में फंसे रहे। उन्हें 4 घंटे बाद कमरे की दीवार तोड़कर निकाला गया।
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मेरठ में तेंदुआ
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ललित अपनी पत्नी अंजू, मां विमला, बेटी वीरा के साथ कमरे में बंद थे और बाहर तेंदुआ बैठा था। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भीड़ के कारण टीम को मुश्किल का सामना करना पड़ा। वन विभाग की टीम ने आठ घंटे ऑपरेशन चलाकर तेंदुए को पकड़ लिया गया।
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मेरठ में तेंदुआ।
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डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि तेंदुए की उम्र करीब 3 से 4 वर्ष के बीच है। रविवार सुबह इसे शिवालिक रेंज में छोड़ा जाएगा। फिलहाल उसे वन्य जीव विशेषज्ञ डॉ. आरके सिंह की निगरानी में रखा गया है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ स्वस्थ है।