पांव में छाले, धूप और छांव के बीच कांवड़िया अपने शिवालयों की तरफ कदम से कदम से मिलाकर भोले का नाम जपते बढ़ रहे हैं। शिवालय और कांवड़ सेवा शिविर में बजाए जा रहे भोले के भजन कांवड़ियों के साथ हर किसी को उत्साहित कर रहे हैं। हाईवे पर केसरिया सैलाब उमड़ पड़ा है।
kanwad Yatra photo: पथरीली डगर पर जप भोले का नाम..चल कांवड़िया चल, झांकियों का शहर बना मेरठ
झांकी कांवड़ में सजाई मिसाइल, टैंक और सेना के जवान
एक कांवड़ राष्ट्र के नाम, तो कोई मन्नत पूरी होने पर कांवड़ ला रहा है। दिल्ली जहांगीरपुरी के 22 युवकों की टोली राष्ट्र के नाम झांकी कांवड़ लाई। युवाओं ने झांकी के माध्यम से शहीद सैनिकों को नमन किया। देश की आन बान शान को दिखाया। झांकी में मिसाइल, तोप, स्टेनगन और सेना के बैरक भी बनाकर सेना की शक्ति को प्रदर्शित किया।
दिल्ली जहांगीरपुरी निवासी राहुल और गौरव ने बताया कि वह लोग सेना भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। प्रतिदिन चार किलोमीटर की दौड़ भी लगाते हैं। झांकी कांवड़ में जल भी रखा है। तीन दिन में हरिद्वार से मेरठ पहुंच गए हैं। यह झांकी कांवड़ स्वयं ही तैयार की है। पप्पू ने बताया कि भगवान शिव से प्रार्थना की है सभी साथी सेना में भर्ती हो जाए।
नाना के साथ कांवड़ लाया नन्हा शिवदास
कांवड़ यात्रा में इस बार बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी शिव भक्ति में लीन हैं। छोटे बच्चों को माताएं ट्रॉली में लेकर जा रही हैं। गाजियाबाद निवासी देवेंद्र और रेखा ने बताया कि नाती के लिए भगवान शिव से मन्नत मांगी जो पूरी हो गई। अब नाती शिवदास के साथ यात्रा कर रहे हैं। शिवदास ने बताया कि 30वीं बार कांवड़ ला रहे हैं। पहली बार नाती और पत्नी भी जल लेकर आई है।
आपसी सौहार्द के लिए किन्नर लाए कांवड़
दिल्ली शाहदरा मोना और शिवाली ने बताया कि वह 12 वर्ष से कांवड़ ला रही हैं। भगवान शिव के प्रति अस्था है। मोना ने बताया कि पूरे श्रावण व्रत रखती हैं। भगवान शिव के अर्द्धनारीश्वर स्वरूप की पूजा करते हैं। देश में आपसी सौहार्द बना रहे और किसी भी तरह का वैमनस्य न रहे इसी उद्देश्य से इस बार 12 वीं कांवड़ लाए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार पूर्व के वर्षों के मुुकाबले कांवड़ियों की संख्या बहुत अधिक है।
टिकटॉकर लाया पहली कांवड़
दिल्ली का टिकटॉकर देवराज ने बताया कि वह पहली कांवड़ लाया है। बाईपास कंकरखेड़ा व्यापार संघ के सेवा शिविर का उसने वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड किया। देवराज ने बताया कि हरिद्वार से मेरठ के बीच अभी तक वह 32 वीडियो अपलोड कर चुका है। कांवड़ यात्रा में लोगों में अनंत उत्साह है। कांवड़ के हर रंग को वीडियो में कैद करने का प्रयास किया गया है।