हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली-मेरठ हाईवे से होते हुए बड़ी संख्या में कांवड़िए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। सुबह और शाम कांवड़ियों की संख्या अधिक होती है। दोपहर में ज्यादातर कांवड़िए शिविरों में आराम कर रहे हैं। हरियाणा के विभिन्न जिलों से डाक कांवड़िए हरिद्वार की ओर रवाना हो रहे हैं। हरिद्वार की विशाल रंग बिरंगी झांकी वाली कांवड़ शहर से गुजर रही हैं। भगवान शिव शंकर और पार्वती की विशाल झांकी वाली कांवड़ काफी संख्या में आ रही हैं। कांवड़ मार्ग पर बोल बम बम-बम का जयघोष गूंज रहा है। पैदल और डाक कांवड़ियों के स्वागत और सेवा के लिए शहर के श्रद्धालु सड़कों पर उतर रहे हैं।
Photos: शिवमय हुआ माहौल, पांव में छाले-जुबां पर भोले, आस्था और अनुशासन का अनूठा संगम है कांवड़ यात्रा
रंगबिरंगी कांवड़ व झांकियों के साथ शिवभक्त भगवान शिव के भजनों के साथ मंजिल की ओर बढ़ते जा रहे हैं। विशाल कांवड़ पर मनमोहक झांकियां श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। शिवभक्त डाक कांवड़ियों के काफिले हरिद्वार से गंगाजल लाने के लिए शहर से होकर गुजर रहे हैं। डीजे की धुन और हर-हर महादेव के जयकारों से शहर गुंजायमान हो रहा है।
घरों से निकलकर कांवड़ियों को देखने पहुंच रहे लोग
शिवभक्तों के स्वागत के लिए सजा शहर का मुख्य मार्ग रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहा है। जगह-जगह कांवड़ सेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। शिवभक्तों व झांकियों को देखने के लिए कांवड़ मार्ग पर हजारों महिला पुरुषों की भीड़ देर रात्रि जमा हो रहती हैं। इस दौरान रंग-बिरंगी कांवड़ व झांकियां के साथ शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के भजनों पर कांवड़िए नाचते-झूमते हुए गुजरे। आकर्षक झांकी देखकर श्रद्धालु भी झूमने लगते हैं।
बड़ी संख्या में आ रही रंग-बिरंगी झांकी वाली कांवड़
हरिद्वार से गंगाजल लेकर बड़ी संख्या में कांवड़िए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। सुबह और शाम कांवड़ियों की संख्या अधिक होती है। दोपहर में ज्यादातर कांवड़िए शिविरों में आराम कर रहे हैं। हरियाणा के विभिन्न जिलों से डाक कांवड़िए हरिद्वार की ओर रवाना हो रहे हैं। हरिद्वार की विशाल रंग बिरंगी झांकी वाली कांवड़ शहर से गुजर रही हैं।
कांवड़ में मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग की झांकी
नोएडा के सेक्टर-73 सर्फाबाद से कांवड़िए आंध्र प्रदेश के मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग की झांकी के साथ कांवड़ लेकर पहुंचे हैं। शिवभक्त मनोज यादव बताते हैं कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग की झांकी के साथ चले थे। यह तीर्थ बहुत प्यारा है, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी वजह से तय किया गया कि बाबा की झांकी लेकर आएंगे।