मेरठ के हाशिमपुरा और मलियाना कांड से बड़ा मामला बुलंदशहर में हो सकता था। गोकशी को लेकर बुलंदशहर जलाने की कोशिश थी। कुछ लोगों के नापाक मंसूबे अधूरे रह गए। इंस्पेक्टर की जान गंवाकर पुलिस विभाग ने बुलंदशहर को जलने से बचा लिया है। पुलिस का दावा कि बुलंदशहर में इज्तिमा में सोमवार को करीब 18 से 20 लाख लोग मौजूद थे। गोकशी को लेकर बुलंदशहर में बवाल हुआ। इसकी जानकारी लगते ही एडीजी ने अलर्ट जारी किया। इस पर मेरठ जोन की पुलिस तुरंत एक्टिव हो गई। अफवाहों का दौर बहुत ज्यादा था। ऐसे हालत में पुलिस ने रात तक इज्तिमा में लौटने वाले लोगों को सकुशल उनके घर तक पहुंचाया।
इंस्पेक्टर ने जान देकर बचाया बुलंदशहर, भीड़ ने की थी सीओ को जिंदा जलाने की कोशिश
एडीएम और एसपी पहुंचे मोदीपुरम चेकपोस्ट
बुलंदशहर के स्याना में हुई घटना के फ्लैश होते ही पुलिस प्रशासनिक अधिकारी सड़क पर उतर आए। सोमवार को इज्तिमा के समापन के बाद लोग घर लौट रहे थे। ऐसे में बड़ी संख्या मेें भीड़ हाईवे पर उमड़ रही थी। यहां ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए एडीएम सिटी मुकेश चंद व एसपी सिटी रणविजय सिंह फोर्स के साथ मोदीपुरम चेकपोस्ट पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पुलिस को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
सीओ को जिंदा जलाने की कोशिश
सीओ स्याना सत्यप्रकाश शर्मा साल 2016-2017 में पुलिस लाइन मेरठ के प्रतिसार निरीक्षक रहे हैं। प्रमोशन पाकर सीओ बने बुलंदशहर के स्याना सर्किल में तैनात हैं। सोमवार को बवाल के बाद भीड़ ने सीओ से भी हाथापाई की। चौकी में तोड़फोड़ की। चिंगरावठी पुलिस चौकी में सीओ को बंद करके आगजनी कर दी गई। सिपाहियों और सीओ ने किसी तरह विंडो के रास्ते कूदकर जान बचाई। बवाल के बाद मेरठ से भारी संख्या में फोर्स, पीएसी और आरएएफ को बुलंदशहर भेजा गया। गढ़-बुलंदशहर हाईवे को भी पुलिस ने बवाल के बाद खाली करा दिया था। जिसके बाद वाहनों को स्याना और औरंगाबाद से डायवर्ट कर दिया था।
अफवाहों को लेकर चलती रहीं चर्चाएं
बुलंदशहर में इंस्पेक्टर और 19 वर्षीय युवक सुमित की मौत के बाद अफवाह फैल गई कि गोकशी के बाद सांप्रदायिक तनाव हो गया। ऐसे समय में बुलंदशहर में तब्लीगी इज्तिमा में लाखों लोगों की भीड़ थी और सोमवार को तीसरा और आखिरी दिन था। सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो वायरल होने से अधिकारियों के होश उड़े रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई पुरानी वीडियो भी वायरल की गई हैं। शरारती तत्वों पर पुलिस नजर रखे हुए है।
पल-पल की जानकारी लेते रहे डीजीपी, फोर्स भेजी
बुलंदशहर में बवाल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वहां हिंदू संगठन के लोग भी जमा हो गए। इसको लेकर लखनऊ तक खलबली मच गई। क्योंकि बुलंदशहर में मुस्लिम समुदाय के लाखों लोग तब्लीगी इज्तिमा में मौजूद थे। ये घटना सांप्रदायिक तूल पकड़ सकती थी। दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने आ सकते थे। इसे लेकर डीजीपी ओपी सिंह अलर्ट थे। उनकी नजर इज्तिमा के मूवमेंट पर थी। वह पल पल की जानकारी लेते और दूसरे जनपद की फोर्स भी भेजते रहे। तब्लीगी इज्तिमा में लाखों की भीड़ बुलंदशहर में थी और उसी जनपद में गोकशी को लेकर बवाल हो गया। बेकाबू भीड़ इज्तिमा से लौटते लोगों पर हमला करेगी या फिर इज्तिमा में शामिल होने वाले लोग उत्तेजित होकर बवाल बढ़ा सकते हैं। इसको लेकर पुलिस की बेचैनी ज्यादा थी।