फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कचहरी में मुस्कराती रहीं इंस्पेक्टर... बोली- जल्दी मुझे जेल भेजो, काम नहीं आई साथियों की मदद

Fri, 08 Nov 2019 02:10 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 08 Nov 2019 02:10 PM IST
विज्ञापन
Inspector Laxmi Singh Chauhan surrendered in court but said send me to jail
इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

70 लाख का गबन करने के आरोपों में फंसी इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान को गाजियाबाद पुलिस ने 44 दिनों की पूरी छूट दी। नामजद पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने के बजाय कागजों में ही दबिश दी जाती रही। लेकिन भ्रष्टाचार के साये ने पीछा नहीं छोड़ा। आखिरकार महिला इंस्पेक्टर को गुरुवार को अदालत में आत्मसमर्पण करना ही पड़ा। हालांकि इस दौरान इंस्पेक्टर कचहरी में मुस्कराती रहीं और बार-बार बोलती रहीं कि जल्दी करो, मुझे जेल भेज दीजिए। पूरे प्रकरण को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लगा है।

Inspector Laxmi Singh Chauhan surrendered in court but said send me to jail
इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला

क्या था मामला
साहिबाबाद साइट-4 औद्योगिक क्षेत्र स्थित सीएमएस इंफो सिस्टम कंपनी एटीएम में कैश लोड करने का काम करती है। कंपनी ने 22 अप्रैल को गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में कंपनी के कैश कस्टोडियन एजेंट राजीव सचान के खिलाफ करीब 72.50 लाख रुपये गबन का मामला दर्ज कराया था, जो जांच में 3.50 करोड़ रुपये का निकला। गाजियाबाद के लिंक रोड थाने की तत्कालीन इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान ने पुलिस टीम के साथ 24 सितंबर को राजीव सचान को साथी आमिर के साथ गिरफ्तार कर उनसे 1.15 करोड़ रुपये बरामद किए। लेकिन इस बीच नोटों से भरा एक बैग गायब कर दिया गया। जबकि थाने की बरामदगी फर्द में महज 45 लाख 81 हजार 500 रुपये की बरामदगी ही दिखाई। इस मामले में आईजी रेंज आलोक सिंह के निर्देश पर 25 सितंबर को इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान, दरोगा नवीन कुमार और बच्चू सिंह, फराज खान, धीरज भारद्वाज, सौरभ शर्मा, सचिन कुमार सहित सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ 60-70 लाख रुपये गबन करने का मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में एक पुलिसकर्मी गवाह बन गया था।

Inspector Laxmi Singh Chauhan surrendered in court but said send me to jail
इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला

अन्य आरोपियों की सरेंडर अर्जी खारिज
सीनियर अधिवक्ता जगदीश पावटी के मुताबिक इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह समेत सभी आरोपी पुलिसकर्मियों ने सरेंडर अर्जी लगाई थी। लेकिन लक्ष्मी सिंह व सिपाही धीरज भारद्वाज ने ही आत्मसमर्पण किया। एडीजीसी सिराजुद्दीन अलवी ने बताया कि न्यायालय एडीजे/स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम इरफान कमर ने अन्य आरोपी पुलिसकर्मियों की सरेंडर अर्जी को खारिज कर दिया है।

यह भी पढ़ें: सीसीटीवी कैमरे से खुला इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह का राज, जांच में मिले कई अहम सबूत

विज्ञापन
विज्ञापन
Inspector Laxmi Singh Chauhan surrendered in court but said send me to jail
इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान - फोटो : अमर उजाला

किरकिरी हुई, गिरफ्तारी नहीं
भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पुलिस की भी किरकिरी हुई। गाजियाबाद पुलिस आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश देने के दावे करती रही। इस बीच इंस्पेक्टर ने मेरठ से लेकर हाईकोर्ट तक अग्रिम जमानत याचिका लेने की कोशिश की। लेकिन गंभीर आरोपों को देखते हुए न्यायालय ने कोई राहत नहीं दी और याचिका खारिज कर दी। एसएसपी गाजियाबाद ने फरार इंस्पेक्टर समेत पुलिसकर्मियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम कर उनके घर पर कुर्की वारंट चस्पा भी कराए। उसके अगले ही दिन गुरुवार को इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह और सिपाही धीरज भारद्वाज ने आत्मसमर्पण कर दिया।

विज्ञापन
Inspector Laxmi Singh Chauhan surrendered in court but said send me to jail
इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला

मुस्कराती रहीं इंस्पेक्टर...
आरोपी इंस्पेक्टर कचहरी में भी मुस्कराती रहीं। बार-बार बोलती रहीं कि जल्दी करो, मुझे जेल भेज दीजिए। आरोप लगाने वाली पुलिस को अब कोर्ट में जवाब देंगे। सिपाही धीरज भारद्वाज को ढांढस बंधाती रहीं कि डरो मत, इंसाफ मिलेगा। 

पांच वीडियो हैं, अब देंगे
आरोपी इंस्पेक्टर के अधिवक्ता जगदीश पावटी ने बताया कि उनके पास भी पांच वीडियो हैं। इसमें इंस्पेक्टर पर लगाए गए आरोप गलत साबित होंगे। पुलिस ने आरोपियों से कैसे इंस्पेक्टर के खिलाफ सबूत जुटाए, इसको कोर्ट में साबित करेंगे। पांचों वीडियो को वायरल किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: प्रदेश के मलाईदार थानों में तैनात रही हैं इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान, इनके बारे में हैं ये चर्चाएं

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed