गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में एसएचओ रहते हुए बरामदगी की रकम में से 70 लाख रुपये डकारने की आरोपी यूपी पुलिस की इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान ने गुरुवार को मेरठ कोर्ट में सरेंडर कर दिया। ऐसा पहली बार है जब इंस्पेक्टर किसी प्रकार की घोटालेबाजी में फंसी हैं।
प्रदेश के मलाईदार थानों में तैनात रही हैं इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान, इनके बारे में हैं ये चर्चाएं
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इंस्पेक्टर रहते हुए लक्ष्मी चौहान को उनके बेहतर कार्यों के लिए दस 'गैलेंट्ररी अवॉर्ड' मिल चुके हैं। तीन माह पहले डीजी पी ओपी सिंह ने इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान को 'गैलेंटरी अवॉर्ड' दिया था।
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इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान पहली ऐसी महिला है जिन्हें पुलिस ट्रेनिंग के दौरान इंस्पेक्टर के रूप में प्रमोट किया गया था। उनकी दबंग छवि के कारण ही लोग उन्हें 'लेडी सिंघम' के नाम से भी जानते हैं।
बताया जाता है कि वह अपनी पहली पोस्टिंग के बाद से ही नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ समेत बड़े शहरों के मलाई दार थानों में तैनाती रही हैं। मेरठ के टीपीनगर थाने में भी उनकी तैनाती रही है।
इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान के पिता भी डिप्टी एसपी रहे हैं। बताया जाता है इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान काफी महंगे शौक रखती हैं। वहीं इंस्पेक्टर लक्ष्मी को अधिकारियों का करीबी माना जाता है।