मेरठ में हरीश प्लाइवुड के मालिकों के जगन्नाथपुरी स्थित करीब दस करोड़ की कीमत के घर को सात कारों में पहुंची आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार की सुबह ही कब्जे में ले लिया। अंदर जाते ही टीम ने परिजनों के मोबाइल फोन ले लिए। सबका बाहर आना-जाना बंद करा दिया। रात दस बजे तक करीब 15 घंटे घर और प्रतिष्ठान समेत पांच ठिकानों को खंगालने का काम चलता रहा।
हरीश प्लाइवुड इंडस्ट्री का संचालन तीन भाई मनीष, सुनीश निधिश और मनीष के बेटे करते हैं। सबसे छोटे भाई निधिश दिल्ली रोड स्थित शोरूम पर बैठते हैं। मंझले भाई सुनीश गगोल रोड स्थित लेमिनेट प्लांट का संचालन करते हैं। बड़े भाई मनीष संयुक्त रूप से शोरूम और प्लांट दोनों की व्यवस्था देखते हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद एवं मेरठ अपर निदेशक आयकर जांच राजेश चंद्रा और मेरठ आयकर विभाग सहायक निदेशक राजीव प्रसाद के आदेश पर जांच दस्ते की चार टीमें मंगलवार सुबह सात बजे मेरठ में हरीश प्लाइवुड इंडस्ट्रीज के ठिकानों पर पहुंचीं। जगन्नाथपुरी आवास पर सात गाड़ियों में 14 जांच अधिकारियों ने तीन मंजिला मकान में जांच की। इस दौरान घर में मनीष उनकी पत्नी रीमा, बेटा और बेटी के साथ छोटा भाई सुनीश उनकी पत्नी ममता, निधिश और उनकी पत्नी राखी मौजूद थीं।
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कई सामाजिक संगठनों से जुड़े हैं मनीष
हरीश प्लाइवुड के संचालक मनीष रोटरी क्लब के साथ कई सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए हैं। रोटली क्लब में रहकर वह शहर में सक्रिय रूप से कई सामाजिक कार्य भी कर रहे हैं। इसके साथ ही वह प्लाइवुड एसोसिएशन से जुड़े हैं।
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शोरूम और फैक्टरी पर भी जांच, बाहर से आया खाना
दिल्ली रोड स्थित शोरूम को आयकर अधिकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में खुलवाया। कागजात और बिलों की सुबह से शाम तक टीम के द्वारा जांच की गई। इस दौरान टीम गगोल रोड स्थित फैक्टरी में भी पहुंची। जांच के दौरान किसी को भी अंदर या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। सुबह से शाम तक एक के बाद एक रोडवेज स्थित आयकर कार्यालय से अधिकारी आते रहे। दोपहर में टीम के लिए खाना भी बाहर से मंगवाया गया। सभी जांच स्थलों पर पुलिस तैनात रही।
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जगन्नाथपुरी का सबसे बड़ा मकान
शहर के बीच में अभी कुछ साल पूर्व ही मनीष, सुनीश और निधिश ने तीन मंजिला मकान बनवाया था। दिल्ली रोड और ट्रांसपोर्टनगर के बीच जगन्नाथपुरी क्षेत्र में यह सबसे बड़ा मकान है। बताया जाता है कि मकान के निर्माण में 10 करोड़ से अधिक खर्च आया। मकान में सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। कॉलोनी में चर्चा यह भी रही कि इतना बड़ा खर्च कर मकान का निर्माण के चलते भी हरीश प्लाइवुड ग्रुप आयकर विभाग के निशाने पर आ गया।