पश्चिमी यूपी में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने कई वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया है। पहाड़ी इलाकों में बर्फ बारी के कारण प्रत्येक जिले में ठंड बढ़ गई है। आगे तस्वीरों में देखें कैसे ठंड से प्रभावित हो रहा है आम जनजीवन:-
सर्दी का कहर: बर्फबारी पहाड़ों पर, कांप रहे मैदानी इलाके, कोहरे की चादर में सिमटे शहर
अभी कांपते रहेंगे मैदानी इलाके
अभी 2-3 दिन मौसम का मिजाज ऐसे ही बने रहने की संभावना है। लगातार चल रही शीत लहर मैदानी इलाकों को कंपकंपाती रहेगी। इस साल के अंत में बारिश और ओलावृष्टि के आसार हैं। -डॉ. यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक कृषि विवि
पहाड़ी इलाकों में बर्फ बारी के कारण यूपी के बागपत में जिले में भी ठंड बढ़ गई है। रात का न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री तक गिर गया है।शीत लहर चलने से आम जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। रविवार को भी ठंड का प्रकोप दिखा।
अल सुबह दो से तीन बजे के बीच न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है। रविवार को सुबह कोहरे का असर रहा। दिन में हल्की धूप खिली तो लोगों को ठंड से राहत मिलने की उम्मीद जगी, लेकिन शाम होते-होते ठंड से असर दिखाना शुरू कर दिया।
उत्तर से पश्चिम की तरफ बह रही सर्द हवा के कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ठंड अधिक होने के कारण आम जन जीवन अस्त व्यस्त रहा। ठंड का असर यह हुआ कि अधिकांश बाजार में भी लोगों की आवाजाही कम रही।
इसके अलावा सड़कों पर वाहनों की संख्या कम रही। दुपहिया वाहन कम नजर आए। प्रभारी डीएम अमित कुमार सिंह ने ठंड और शीत लहर को देख आठवीं तक स्कूलों का दो दिन का अवकाश घोषित किया है। आठवीं तक के स्कूल अब एक जनवरी को खुलेंगे।
कड़ाके की ठंड जारी
बिजनौर जिले में भी इन दिनों भीषण सर्दी पड़ रही है। रविवार को कालागढ़ कड़ाके की सर्दी की चपेट में रहा। सर्दी का सितम इतना अधिक रहा कि रात्रि में पेड़ और पौधों पर ओस और पाला, पानी की बूंदों के रूप में जमने लगा।
शीतलहर के कारण बाजार और सड़के सूने पड़े रहे। यात्री बसों में यात्री न होने के कारण यात्री वाहन भी दोपहर तक कम ही चले।