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गुलाबी गैंग की कमांडर संपत पाल से अमर उजाला की खास बातचीत, कहा महिला उत्थान के सरकारी दावे खोखले

Sat, 08 Sep 2018 03:53 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Sat, 08 Sep 2018 03:53 PM IST
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Gulabi gang Sampath Pal of says government clames of women safty are gossipy
गुलाबी गैंग की लीडर संपत पाल
देश में महिला सुरक्षा को लेकर सरकारी रवैये से निराश गुलाबी गैंग की कमांडर संपत पाल का कहना है कि सरकार महिला उत्थान के लिए सिर्फ बातें ही करती है। सरकार के पास देने को है ही क्या।   नगर में हो रही बॉलीवुड फिल्म जाको राखे साइयां की बृहस्पतिवार देर रात हुई शूटिंग के दौरान गुलाबी गैंग की राष्ट्रीय कमांडर संपत पाल फिल्म में किरदार निभाने पहुंचीं। इस दौरान अमर उजाला संवाददाता से हुई उनकी खास बातचीत के कुछ अंश . . .  


 

गुलाबी गैंग से पहले महज गृहणी थी

Gulabi gang Sampath Pal of says government clames of women safty are gossipy
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
प्रश्न : गुलाबी गैंग क्या है और इससे पहले आपकी पहचान क्या थी? 
उत्तर : हमारा नाम संपत पाल है। मैं शुरुआती दौर में महज गृहणी थी। मैंने अपने आसपास कई महिलाओं का उत्पीड़न होते देखा। इसके बाद ही संगठन बनाने का निर्णय किया। मैं अपने संगठन की राष्ट्रीय कमांडर हूं। गुलाबी गैंग गुलाबी साड़ी से प्रसिद्ध हुआ। इसका गठन 14 फरवरी 2006 को किया गया।  


प्रश्न : गुलाबी गैंग बनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य। 

उत्तर : महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचारों के खिलाफ यह संगठन बनाया गया। महिलाओं पर अत्याचार उन्हीं की कमी से बढ़ रहे थे। वे अपने अधिकारों को नहीं पहचानती थी। मां अपनी बेटी को शिक्षा देने के बजाए बेटे को शिक्षित बनाने को प्राथमिकता देती थी। इस संगठन के अस्तित्व में आने के बाद महिलाओं को लड़कियों की शिक्षा के लिए जागरूक किया गया। उनके अधिकारों की भी जानकारी दी गई। जिससे वे आगे बढ़ सकें। इस संगठन में कोई पुरुष नहीं है। इस संगठन के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण भी दिया जाता है। जिससे वे अपने अधिकारों को पहचान सके। पीड़ित महिलाओं को गैंग में शामिल करती हैं। 

चार लाख से ज्यादा महिलाएं गैंग से जुड़ी हैं

Gulabi gang Sampath Pal of says government clames of women safty are gossipy
गुलाबी गैंग, संपत पाल, जिला अस्पताल, चित्रकूट - फोटो : SELF
प्रश्न : आपके गैंग से वर्तमान में कितनी सदस्याएं जुड़ी हैं?  
उत्तर : शुरूआत में संगठन बनाने पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पहले सभी ने संगठन से किनारा किया, लेकिन धीरे-धीरे महिलाएं जुड़ती चली गईं। आज यह संख्या चार लाख से अधिक है। बुंदेलखंड के अतिरिक्त झारखंड, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र आदि की महिलाएं गुलाबी गैंग से जुड़ी हैं।

उनके मुताबिक सबसे अधिक मध्य प्रदेश में उनके संगठन से महिलाएं जुड़ी हैं। हर जिले से एक महिला को लीडर बनाया जाता है और वह संगठन से जुड़ने वाली महिलाओं को प्रशिक्षण देती है। आज हर क्षेत्र में महिलाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। चाहे वह राजनीति हो या फिल्म की दुनिया। महिलाओं को नीचा दिखाया जा रहा है। प्रेमी युगल के घर से भाग जाने पर लड़की को ही दोष दिया जाता है।  
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सरकार के पास देने को है ही क्या

Gulabi gang Sampath Pal of says government clames of women safty are gossipy
संपत पाल के साथ जर्मन छात्र - फोटो : अमर उजाला
प्रश्न : सरकार से क्या सहयोग मिलता है?  
उत्तर : देखिए, सरकार के पास है ही क्या। सरकार क्या देगी। नेता वोट पाकर कुर्सी पा जाते हैं। महिला उत्थान की सिर्फ बातें करते हैं। वास्तविकता सबको पता है। फिर भी मेरा कहना है कि दुनिया खराब है तो सरकार को क्यों दोष दें। महिलाएं अपनी सुरक्षा स्वयं करें और सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर बनें।  

प्रश्न : महिलाओं के लिए कोई संदेश 
उत्तर : मेरा बस यही संदेश है कि महिलाएं बेटों के साथ-साथ बेटियों को भी पढ़ाएं। वे अपने अधिकारों को पहचानें और अपनी लड़ाई खुद लड़ें। जाको राखे साइयां फिल्म अच्छी है और इसको परिवार के साथ बैठकर देखा जा सकता है।

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