मेरठ के चर्चित गुदड़ी बाजार हत्याकांड में फैसले को लेकर हर किसी की निगाहें दिन भर टिकी रही। अदालत ने युवती समेत सभी आरोपियों को दोषी करार दिया है। सजा पर पांच अगस्त को सुनवाई होगी। मृतक तीन बेटों की रूह को आज सुकून मिलेगा तो वहीं पीड़ित परिजनों को इंसाफ की आस है।
तीन दोस्तों की नृशंस हत्या: युवती की मोहब्बत और इजलाल की नफरत, दुश्मनी में बदली दोस्ती, फिर जो हुआ खाैफनाक था
23 मई, 2008 को बागपत के बालैनी गांव के जंगल में हिंडन नदी के किनारे दिन के पाैने बारह बजे एक कार में तीन युवकों की लाश मिली। इनकी पहचान मेरठ कॉलेज के छात्र सुनील ढाका निवासी जागृति विहार, पुनीत गिरि निवासी परीक्षितगढ़ रोड और सुधीर उज्जवल निवासी सिरसली बागपत के रूप में हुई। तीनों युवकों की लाश देखकर जनाक्रोश फैल गया था। मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच चुकी थी।
24 मई को सनसनीखेज खुलासा हुआ कि इन तीन युवकों की हत्या कोतवाली मेरठ के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल के घर पर हुई थी। पुलिस के अनुसार हाजी इजलाल ने एक युवती के चक्कर में हुए विवाद के चलते अपने साथियों के साथ इस तिहरे हत्याकांड को बड़ी नृशंसता के साथ अंजाम दिया था।
मामला दो समुदाय से जुड़ा होने पर शहर में आक्रोश के साथ माहौल तनावपूर्ण हो गया था। हत्याकांड के विरोध में शहर के बाजार बंद रहे। पुलिस ने हाजी इजलाल व उसके चारों भाइयों को जेल भेजा था।
हाजी इजलाल के घर में जिस जगह पर इस वारदात को अंजाम दिया गया, वहां सड़क से लेकर चबूतरे तक खून ही खून फैला था। पुलिस मौके पर पहुंचती इससे पहले ही खून साफ कर दिया गया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी इजलाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कई माह तक कोतवाली के गुदड़ी बाजार से लेकर शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस अलर्ट रही थी।
इस हत्याकांड को लेकर मेरठ में चौतरफा हाहाकार मचा हुआ था। छात्र और गैर-राजनीतिक संगठनों ने ऐलान किया कि वे कातिलों को नहीं छोड़ेंगे। हत्यारोपी हाजी इजलाल मीट व्यापारी होने के साथ रसूख वाला था। उसने पुलिस से साठगांठ करने का भी खूब प्रयास किया। सबूत तक खत्म कराकर केस को कमजोर करने की कोशिशें कीं। इस चर्चित हत्याकांड की चार्जशीट दाखिल होने तक पुलिस का इम्तिहान चला।