जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले हैं। इससे पहले उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार का राज्यपाल बनाया था।
बागपत के गरीब परिवार में जन्में सत्यपाल मलिक
बागपत के हिसावदा गांव में एक गरीब परिवार में सत्यपाल मलिक का जन्म हुआ था। उनके पिता बुध सिंह एक किसान थे। बुध सिंह के निधन के बाद सत्यपाल मलिक का पालन पोषण उनकी माता जगबीरी देवी ने किया था। उन्होंने मेरठ कॉलेज से बीएससी और कानून की पढ़ाई की। यहीं से एक समाजवादी छात्र नेता के तौर पर राम मनोहर लोहिया से प्रेरणा लेकर उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। आगे जानिए उनके जीवन से जुड़ी ये 6 बड़ी बातें:-
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सत्यपाल मलिक
- फोटो : ANI
1. सत्यपाल मलिक ने पहली बार 1968 में छात्र संघ का चुनाव लड़ा और वह मेरठ कॉलेज के पहले अध्यक्ष चुने गए थे। मेरठ कॉलेज में वह दो बार छात्र संघ के अध्यक्ष रहे है। बीकेडी के टिकट पर बागपत से साल 1974 में चुनाव लड़ा और चरण सिंह के भारतीय क्रांति दल से जनता ने उन्हें विधायक के रूप में चुना। इस दौरान समाजवादी नेता के तौर पर सत्यपाल मलिक ने किसान मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
2. इसके बाद वह सन 1980-86 और सन 1986-1992 के दो कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य रहे। वह साल 1989 में जनता दल के टिकट पर अलीगढ़ से संसद सदस्य रहे। उन्हें कुल वोटों में से 2,33,465 (51.5 प्रतिशत) वोट मिले। उन्हें प्रतिद्वंद्वी आईएनसी उम्मीदवार उषा रानी तोमर ने 77,958 वोटों के अंतर से हराया, जिन्होंने 1,55,507 (34.2 प्रतिशत) वोट प्राप्त किए। उन्होंने फिर से समाजवादी पार्टी टिकट पर 1996 में अलीगढ़ से चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 40,789 वोट हासिल कर चौथा स्थान प्राप्त किया।
3. वर्ष 1990 से 1990 तक केंद्रीय पर्यटन एवं संसदीय राज्यमंत्री रह चुके हैं। भाजपा में वह विभिन्न पदों पर रहे। उन्हें 21 मार्च 2018 को 28 मई 2018 तक ओडिशा के गवर्नर के रूप में अपनी सेवाएं देने के लिए अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। राजस्थान के विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई थी।
4. 1984 में कांग्रेस में हुए शामिल
सन 1984 में वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे। हालांकि तीन साल तक पार्टी के राज्यसभा सांसद बने रहे। बताया जाता है कि बोफार्स घोटाले के मामले के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 1988 में जनता दल में शामिल हो गए और 1989 में अलीगढ़ से सांसद बने। सन 1990 से 1990 तक केंद्रीय पर्यटन एवं संसदीय राज्यमंत्री रह चुके हैं।