वर्ष 2020 में हुए लॉकडाउन ने हर व्यक्ति के जीवन को प्रभावित किया। इसका असर खिलाड़ियों पर भी पड़ा, लेकिन इसके बावजूद मेरठ के खिलाड़ियों ने हौसला नहीं छोड़ा। अनलॉक के बाद शहर के खिलाड़ी दोबारा मैदान में आए और अपने शानदार प्रदर्शन से लोगों का दिल जीत लिया। इतना ही नहीं, कोरोना काल में भी मेरठ शहर और मेरठ के खिलाड़ियों ने कई उपलब्धियां भी हासिल की हैं।
वर्ष 2020 जनवरी में मेरठ की आरुषि शर्मा और विनायक बहादुर को राष्ट्रीय बालवीर पुरस्कार से नवाजा गया था। इस सम्मान से मेरठ जिले के अन्य खिलाड़ियों का भी हौसला बढ़ा, लेकिन मार्च में लगे लॉकडाउन ने खेल गतिविधियों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। सौरभ चौधरी और पैरा तीरंदाज विवेक चिकारा व अन्य खिलाड़ी जुलाई में होने वाले ओलंपिक की तैयारी में जुटे थे, लेकिन ओलंपिक को टाल दिया गया। हालांकि इसके बावजूद इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हौसला नहीं हारा और घर में ही अभ्यास जारी रखा जिसके दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई ऑनलाइन शूटिंग प्रतिस्पर्धा में शूटर शहजर रिजवी, सौरभ चौधरी, रवि कुमार ने पदक जीते।
वहीं एनएएस की महिला हॉकी खिलाड़ियों ने ऑनलाइन प्रतियोगिताओं में खुद को साबित किया। उधर, फुटबॉल खिलाड़ियों ने भी ऑनलाइन जगलिंग टूर्नामेंट में प्रतिभा दिखाई। बैडमिंटन के ओलंपियन रह चुके मेरठ के मनु अत्री ने भी छत को मैदान बनाकर अपना अभ्यास जारी रखा।
4 of 7
क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार
- फोटो : social media
धीरे-धीरे जिंदगी हुई गुलजार
सितंबर माह में खेलों को अनुमति मिली तो मैदानों पर रौनक लौटी। इसकी शुरुआत आईपीएल से हुई, जिसमें मेरठ के भुवनेश्वर कुमार, प्रियम गर्ग, कार्तिक त्यागी, शिवम मावी और कर्ण शर्मा ने धाक जमाई। कार्तिक त्यागी ने तो अपने आईपीएल के प्रदर्शन के दम पर आस्ट्रेलिया दौरे में भी अपनी जगह बनाई। हालांकि एथलेटिक, शूटिंग, फुटबॉल, बैडमिंटन सहित अन्य सभी खेलों में प्रतिस्पर्धाएं न होने से खिलाड़ी के हाथों पदक नहीं लग पाए।
5 of 7
प्रियम गर्ग
- फोटो : अमर उजाला
एस्ट्रोटर्फ : नए साल में मिलेगा तोहफा
कोरोनाकाल ने कैलाश प्रकाश स्टेडियम में चल रहे हॉकी एस्ट्रोटर्फ के काम पर ब्रेक लग गया। विभागों में कार्य प्रभावित हुआ तो दूसरी किस्त भी रुक गई। दिसंबर में तीन करोड़ की दूसरी किस्त जारी हुई। अब 2021 में यह काम पूरा होने की उम्मीद है।