उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में खरखौदा क्षेत्र के अतराड़ा गांव में उस समय कोहराम मच गया, जब एक साथ तीन दोस्तों की अर्थियां उठीं। इस दौरान हर किसी की आंखों से आंसू निकल रहे थे। श्मशान में शवों को एक साथ मुखाग्नि दी गई। वहीं भीड़ संभालने के लिए पुलिस को हापुड़-किठौर मार्ग पर यातायात रोकना पड़ा।
टूट पड़ा गमों का पहाड़: एक साथ जलीं तीन दोस्तों की चिताएं, रो पड़ा पूरा गांव, देखिए तस्वीरें
वहीं हादसे में प्रद्युम्न की मौके पर ही मौत हो गई थी। निखिल व मनीष ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद कुछ देर के बाद तीनों के शव गांव पहुंचे। तीनों युवकों में गहरी दोस्ती के चलते उनकी अर्थियां एक साथ उठीं। उनके पीछे सैकड़ों की भीड़ थी। शवों का काली नदी किनारे स्थित श्मशान में अंतिम संस्कार किया गया। हादसे के मामले में निखिल के ताऊ ने रिपोर्ट दर्ज कर्राई है।
बुझ गया इकलौता चिराग
देवराज शर्मा के परिवार में पुत्र मनीष, एक पुत्री और पत्नी गुड्डी हैं। देवराज की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उसने कृषि भूमि का कुछ हिस्सा बेचकर बेटी का विवाह कर दिया था। बचे रुपयों से इकलौते बेटे के लिए मकान बनाना शुरू किया। पैसा खत्म हो जाने पर मकान अधूरा रह गया।
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