यूपी के मेरठ में एक पिता की जिंदगी छीनने वाली बेटी का एक काला सच दुनिया के सामने उजागर हुआ। यहां एक नाबालिग बेटी ने उसकी जिंदगी का भला सोचने वाले पिता को अपने चाचा के साथ मिलकर पहले मौत के घाट उतारा और फिर शव को केरोसिन डालकर जला डाला। पुलिस ने इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आगे जानें आखिर क्या था बेबस पिता का कुसूर कि उसे अपनी ही बेटी के हाथों मिली दर्दनाक मौत:-
भरोसे का कत्ल: जिस पिता ने बचाई थी इज्जत, उसी बाप की कातिल बन गई लाडली बेटी, देखें ये तस्वीरें
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जिस नाबालिग बेटी की इज्जत बचाने के लिए पिता ने अपने भाई और गांव के लोगों के साथ मिलकर छह माह पहले मथुरा में पंचायत की थी। वही बेटी और भाई मौत का कारण बन गए। पुलिस ने जब इस घटना की गहनता से पड़ताल की तो रिश्तों को शर्मसार करने वाला यह सनसनीखेज घटनाक्रम सामने आया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभी तक की जांच में सामने आया कि बेटी की उम्र जब पांच साल थी तो उसकी मां पति से रिश्ता खत्म कर बेटी के साथ हस्तिनापुर क्षेत्र स्थित मायके चली गई थी। पता चला कि वहां से वह बेटी को लेकर मथुरा चली गई थी, जहां प्रेमी से शादी कर ली थी। करीब 11 साल तक बेटी को उसने साथ रखा।
पापा! मुझे यहां से ले जाओ, मां के साथ नहीं रह सकती
पुलिस के अनुसार करीब छह माह पहले से बेटी रात के समय अपने पिता को कॉल करती थी। कहती थी कि पापा! यहां मेरा उत्पीड़न हो रहा है। मैं मां के साथ नहीं रह सकती। मुझे गलत नजरों से देखा जा रहा है। इस पर पिता छोटे भाई के साथ मथुरा पहुंचा तो वहां पत्नी और प्रेमी ने बेटी को नहीं ले जाने दिया। इसके बाद एक प्रधान के हस्तक्षेप करने पर मथुरा में दोनों पक्षों की पंचायत बैठी। भरी पंचायत में बेटी ने कहा था कि वह पिता के साथ नहीं गई तो जान दे देगी। करीब छह माह पहले पिता बेटी को शताब्दी नगर (परतापुर) में ले आया था।
चाचा ने पत्नी को छोड़ा
पुलिस के अनुसार हत्यारोपी चाचा अजय की करीब एक साल पहले शादी हुई थी। लेकिन शादी के तीन माह बाद ही उसने पत्नी को छोड़ दिया था। उसका एक और भाई शताब्दी नगर में रहता है। जहां नाबालिग भतीजी की चाचा से नजदीकियां बढ़ गई थीं। बताया गया कि चाचा और नाबालिग भतीजी के बीच अवैध संबंध थे। वहीं जब इस बात का पता लड़की के पिता को चला तो उसने विरोध कर दिया। इसके बाद बेटी ने चाचा के साथ मिलकर पिता को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
पुलिस ने बताया कि करीब 15 दिनों पहले पिता को पता चला कि उसके भाई अजय के उसकी किशोरी बेटी से अनैतिक संबंध हैं, जिसके बाद दोनों भाइयों में विवाद भी हुआ था। तीन दिन पहले पिता ने फिर से दोनों को देख लिया तो अपने छोटे भाई व बेटी को समझाने की कोशिश की। जिसके चलते परिवार में विवाद भी हुआ था। शुक्रवार रात चाचा अजय ने भतीजी के साथ मिलकर अपने भाई की धारदार हथियार से हत्या कर दी। उसके बाद शव को घर से करीब 150 मीटर दूर शताब्दीनगर में खाली प्लॉट में ले गए। जहां केरोसिन डालने के बाद शव पर बोरे डालकर आग लगा दी। घटना के बाद आरोपी चाचा अपनी भतीजी को लेकर फरार हो गया।
90 प्रतिशत तक जल चुका था शव
शताब्दीनगर में शनिवार सुबह झाड़ियों में अधजला शव मिला। सूचना पर एसपी सिटी रणविजय सिंह, इंस्पेक्टर परतापुर नीरज मलिक मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। शव की शिनाख्त शताब्दी नगर निवासी एक व्यक्ति ने अपने बड़े भाई के रूप में की। जिसके बाद पूरी कहानी सामने आई।
एसपी सिटी रणविजय सिंह के अनुसार घटनास्थल पर फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। फोरेंसिक एक्सपर्ट की जांच में सामने आया कि शव के पास एक जला हुए बोरा भी मिला है। लकड़ी या अन्य कोई वस्तु की राख नहीं मिली। शव करीब 90 प्रतिशत तक जल चुका था। केरोसिन डालकर शव को जलाया गया। सिर के पास गहरे निशान मिलने से माना गया कि धारदार हथियार से हमला बोलकर हत्या की गई।