उत्तर प्रदेश के बागपत में संविधान दिवस पर मंगलवार को खेल विभाग ने कलक्ट्रेट से साइकिल रेस का आयोजन किया। लेकिन इस रेस के लिए न तो किसी डॉक्टर की व्यवस्था थी और न ही यातायात पुलिस की। नतीजन कई छात्राएं सड़क पर साइकिल समेत गिर गईं और संविधान रेस बन गई 'हादसों की रेस': -
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- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर स्थित कलक्ट्रेट के गेट नंबर दो से यह साइकिल रेस शुरू हुई। इसमें छात्राएं आपस में टकराकर गिरती रहीं, लेकिन उनके लिए किसी डॉक्टर की व्यवस्था नहीं थी। न ही यातायात पुलिस व्यवस्था बनाने के लिए आई।
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बालक और बालिका वर्ग की इस रेस में विभिन्न स्कूलों के छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया। साइकिलों के आपस में टकराने से आधा दर्जन लड़कियों को चोट लगी। इनमें छात्रा इंशा, अक्शा, मधु और शबाना घायल हुईं हैं।
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यहां तक कि एक प्रतिभागी की साइकिल भाजपा जिलाध्यक्ष वेदपाल उपाध्याय की गाड़ी से टकरा कर गिर गई। हालांकि वेदपाल और उनके साथ मौजूद कार्यकर्ताओं ने अन्य वाहनों को रुकवाकर रेस पूरी कराई।
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खेल अधिकारी सरिता रानी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस के लिए और पुलिस विभाग को यातायात व्यवस्था बनाने के लिए पत्र लिखा था, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि इसकी शिकायत डीएम शकुंतला गौतम से की जाएगी।