यूपी में शीतलहर का प्रकोप जारी है। मेरठ का तापमान शिमला, नैनीताल और मसूरी से भी कम हो गया है। सोमवार को पूरे दिन घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता शून्य के करीब रही। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 30 साल बाद ऐसा मौसम हुआ है।
रेगिस्तान से आ रहीं बर्फीली हवाएं, शिमला, नैनीताल और मसूरी से कम हुआ यूपी का तापमान
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रविवार की रात सीजन में सबसे सर्द रही है। मैदानी इलाकों में पड़ रही सर्दी पहाड़ी क्षेत्रों की ठंड को चुनौती दे रही है। जो अब जानलेवा भी बन रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जब मौसम में नमी ज्यादा बढ़ जाती है और दिन-रात के तापमान में अंतर कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में सर्दी का असर ज्यादा होता है। इस समय अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अंतर बहुत कम है।
दिसंबर में दिन का तापमान निचले नीचे स्तर पर पहुंचने के कारण ठंड में इजाफा हुआ है। यही कारण है कि दिन में सर्दी का सितम ज्यादा हो रहा है। इस बार खास बात ये भी है कि लगातार पश्चिमी विक्षोभ बहुत ज्यादा बन रहे हैं, जिससे ठंड निरंतर बनी हुई है। सोमवार को दिन में भी दृष्यता शून्य के करीब रही। ऐसे में वाहन चलाना तो दूर पैदल चलने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रेगिस्तान से आ रहीं बर्फीली हवाएं
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रेगिस्तान की ओर से पहाड़ों से घूमकर आ रही उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने ठंड को बढ़ा दिया है। जब रेगिस्तान से हवाएं आती हैं और पहाड़ों पर नया पश्चिमी विक्षोभ बनता है तो सर्दी का असर और ज्यादा बढ़ जाता है।
अभी सताएगी सर्दी
निचले सतह पर बादल छाए रहने व उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का असर बढ़ रहा है। कोहरा अभी चौबीस घंटे तक ऐसे ही रहेगा। एक जनवरी को दिन में थोड़ी राहत मिल सकती है रात से फिर मौसम बिगड़ रहा है। दो और तीन जनवरी में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश व ओले पड़ने के आसार हैं, जिससे अभी ठंड का असर बना रहेगा। -डॉ. यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक कृषि विवि
बाजारों में कम हुई चहल पहल
भीषण ठंड का असर बाजारों में भी देखा गया। सोमवार को सभी प्रमुख बाजारों मेें भीड़ कम रही। शाम होते ही बाजार सूने हो गए। सड़कों पर भी आम दिनों के मुकाबले वाहन कम दिखे।