उत्तर प्रदेश के शामली में पकड़े गए म्यांमार निवासी शिक्षक व तीन छात्रों की गिरफ्तारी के बाद खुफिया विभाग और ज्यादा सतर्क हो गया है। खुफिया विभाग को शक है कि म्यांमार से आते वक्त सिर्फ ये तीनों भाई ही भारत नहीं आए होंगे, बल्कि इनके साथ और कई साथियों ने देश में प्रवेश किया होगा।
यूपी: सुनसान इलाके में रह रहे थे शामली से गिरफ्तार चारों आरोपी, अब इस जिले पर खुफिया विभाग की नजर
अब इस जिले पर खुफिया विभाग की नजर
थानाभवन क्षेत्र के जलालाबाद की खुशनुमा कॉलोनी से इन चारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब पुलिस ने इन तीनों के साथियों की कुंडली खंगालने में जुट गई है। यही नहीं, पुलिस व खुफिया विभाग को यह भी संदेह है कि इनके साथी सहारनपुर, देवबंद में छिपे हो सकते हैं।
पुलिस अधिकारी भी शामली के साथ बागपत, मेरठ, सहारनपुर समेत आसपास के जिलों में विदेशी नागरिकों के छिपे होने की संभावना जता चुके हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो अभी इस मामले को लेकर महकमा होमवर्क कर रहा है। छह लोगों की तलाश में छापेमारी अभियान चलाया जाएगा।
थाना प्रभारी संदीप बालियान ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है कि इनके साथी भी वेस्ट यूपी में छिपे होने की संभावना है। अगर इनके छिपे होने की बात सच साबित होती है, छापेमारी अभियान चलाया जाएगा।
कस्बे के सुनसान इलाके में रहते थे चारों आरोपी
म्यांमार से आकर कस्बे में एक मदरसे में पढ़ाने वाले अब्दुल मजीद और पकड़े गए तीन छात्र कस्बे की आबादी से दूर एक कॉलोनी के लगभग सुनसान से इलाके में रहते थे। दरअसल, जलालाबाद के दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर कुछ साल पूर्व ही खुशनुमा के नाम से एक कॉलोनी बनाई गई हैं।
हालांकि, इस कॉलोनी के अधिकांश हिस्से पर प्लाट काटे जा चुके हैं। मगर निर्माण के नाम पर तीन-चार मकान कॉलोनी के हाईवे के समीप बनाए गए हैं, जबकि तीन चार मकान कॉलोनी के आखिर में तालाब के किनारे बने हैं। पीछे वाले मकानों का कस्बे की आबादी से कोई संबंध नहीं था।