शामली जिले के लक्ष्मणपुरा में हुए सड़क हादसे ने फाजलपुर के एक परिवार को नस्तोनाबूत कर दिया। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत का गम गांव की गलियों में पसरे सन्नाटे में बखूबी महसूस हो रहा था। इस सन्नाटे में अगर कुछ सुनाई दे रहा था तो सिर्फ परिजनों और रिश्तेदारों की चीत्कार। पीड़ित परिवार के घर के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ थी। जैसे ही परिवार के पांच सदस्यों के शव उठे तो लोग फफक पडे़। गमगीन माहौल में सूरजकुंड पर शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
एक घर से उठी पांच अर्थियां, जिसने भी देखा रो पड़ा, देखिए तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हादसे में मारे गए जयकिशन रावत उनके पुत्र आकाश, भतीजी निधि के शवों का शामली में पोस्टमार्टम हुआ था। उनका शव मंगलवार रात को ही पहुंच गए थे। जयदेव और उनकी भतीजी नीतू के शवों का पोस्टमार्टम मेरठ में हुआ। इनके शव बुधवार सुबह नौ बजे घर पहुंचे। करीब 10 बजे शवयात्रा सूरजकुंड के लिए निकली। शमशान में एक साथ पांच चिताएं जलीं तो हर कोई रो पड़ा।
पढ़ें : Pics: वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट रहे दो परिवार के 9 लोगों की मौत, तीन घायल
सांसद ने दी सांत्वना
अंतिम संस्कार में सांसद राजेंद्र अग्रवाल भी शामिल हुए। उन्होंने पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। कहा कि पूरा शहर उनके साथ है। परिवार को जिस समय भी जरूरत होगी वे व्यक्तिगत रूप से उनके साथ होंगे। उन्होंने कहा कि इस परिवार ने हमेशा दूसरों की भलाई की है।
बेटे और भाई ने दी मुखाग्नि
सूरजकुंड पर अक्षित (हैप्पी) ने अपने पापा जयदेव, मां निधि और भाई आकाश को मुखाग्नि दी। ये क्रिया करते हुए उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे। जबकि अनिल रावत ने भाई जयकिशन और भाभी की चिता को मुखाग्नि दी।
पढ़ें : स्कॉर्पियो की हालत देख कांप उठे पुलिस अफसर, खत्म हो गई 9 जिंदगियां, देखें तस्वीरें
अपर्णा की हालत गंभीर
इस हादसे में घायल जयकिशन की बेटी अपर्णा और बेटा ओम गढ़ रोड स्थित ट्रामा सेंटर में भर्ती हैं। परिजनों के अनुसार अपर्णा की हालत गंभीर है। डाक्टरों ने उसे दिल्ली ले जाने को कहा था, लेकिन उसकी हालत को देख उन्होंने ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया है।