मेरठ के दौराला थानाक्षेत्र के चिरौड़ी गांव में गुरुवार को दो जिंदगियां गुरबत की भेंट चढ़ गईं। बेटी का 11वीं में दाखिला नहीं करा पाने पर बेबस पिता ने मौत का रास्ता चुन लिया। उसने बेटी को जहरीला पदार्थ खिलाया। इसके बाद खुद भी जहर निगल लिया। हालत बिगड़ने पर पिता-पुत्री को मोदीपुरम स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना से क्षेत्र में मातम पसर गया।
गुरबत की भेंट चढ़ीं दो जिंदगियां: 11वीं में नहीं करा सका बेटी का दाखिला, पिता ने पुत्री को जहर देकर की खुदकुशी
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चिरौड़ी गांव निवासी जोगेंद्र प्रजापति (50) अपनी पत्नी लता के साथ भट्ठे पर मजदूरी करके परिवार पाल रहा था। जोगेंद्र के तीन बेटी खुशी (16), शीतल (13), शिवानी (10), बेटे शिवम (8) व रजत (5) हैं। बेटी खुशी ने गांव के सरस्वती शिक्षा निकेतन से 10वीं पास की थी।
बताया जाता है कि खुशी अब 11वीं में दाखिला लेना चाहती थी, लेकिन पिता आर्थिक तंगी के चलते बेबस था। गुरुवार को जोगेंद्र और उसकी पत्नी लता के साथ मजदूरी करने चले गए।
दोपहर में जोगेंद्र घर पर खाना खाने आया था। दूसरे बच्चे बाहर खेल रहे थे। घर पर खुशी ही थी। लोगों के मुताबिक, जोगेंद्र ने खुशी को जहर देकर खुद भी खा लिया। दोनों की हालत बिगड़ने लगी।
इस दौरान पत्नी लता घर पहुंची तो जहर खाने की जानकारी हुई। लता के शोर मचाने पर लोग एकत्र हो गए। पिता-पुत्री को मोदीपुरम के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां पर उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। सूचना पर सीओ दौराला शुचिता सिंह और थाना प्रभारी पहुंच गए।
जोगेंद्र की मौत के बाद चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। अब बच्चों की पूरी जिम्मेदारी लता के कंधों पर आ गई है। लता बदहवास है। महिलाएं किसी तरह उसे दिलासा देती रही।
रोते हुए लता ने कहा कि अब वह अकेले चार बच्चों को कैसे पालेगी? वहीं, जोगेंद्र और खुशी के जहरीला पदार्थ खाने की सूचना पर प्रधान नरेशपाल भी अस्पताल पहुंचे। कहा कि वह और ग्रामीण परिवार के साथ हैं। परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।