मेरठ के किठौर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान न बनने के कारण कई सौ परिवार परेशान हैं। इन परिवार को पहली किश्त तो मिल चुकी है, लेकिन दो माह बाद भी दूसरी किश्त न आने से काफी परेशानी हो रही है। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। आगे जानें आखिर कैसे बढ़ती ठंड के बीच परिवार तिरपाल डालकर रहने को मजबूर हैं -
भरी ठंड में तिरपाल डालकर रहने को मजबूर सैकड़ों परिवार, तस्वीरों में देखें पीएम आवास योजना की हकीकत
नवगठित नगर पंचायत शाहजहांपुर में डूडा द्वारा पहली और दूसरी लिस्ट में करीब 780 परिवारों को चयनित किया गया। इसमें से करीब 240 परिवारों की पहली किश्त को आए हुए दो माह हो चुके हैं। मकान के लिए डीपीसी तक का काम हो चुका है, लेकिन दूसरी किश्त न आने से मकान नहीं बन पा रहे हैं।
मकान न बनने से परिवार खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर हैं। वहीं आवास धारकों ने मकान की पहली किश्त आने पर सभासदों पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था। बीती 16 नवंबर को डूडा की पांच सदस्यीय टीम कस्बा शाहजहांपुर पहुंची लोगों को जानकारी देते हुए रुपये न देने की अपील की थी। हालांकि कुछ लोगों का आरोप है कि आवास धारकों द्वारा 10 हजार न देने के कारण किश्त नहीं भेजी जा रही है।
ठंड में रहने को मजबूर है परिवार
ब्लॉक माछरा क्षेत्र के अंतर्गत हसनपुर कलां में एक परिवार मकान न होने के कारण ठंड और बारिश में रात गुजारने को मजबूर है। गांव की रहने वाली अनीता पत्नी महेश गडरिया का परिवार रहता है। उसके पास जमीन तो है, लेकिन मकान नहीं है। परिवार टिन डालकर रह रहा है। उन्होंने ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक प्रार्थना पत्र देकर मकान बनवाने की मांग की।
केवल जांच की गई, लेकिन मकान नहीं बन सका। महेश का कहना है कि उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। एडीओ पंचायत अमित कुमार व ग्राम प्रधान मुकेश गुर्जर का कहना है कि दंपति का नाम आवास योजना में चयनित ह,ै लेकिन योजना का पैसा करीब दो साल से नहीं आया है, इसलिए आवास नहीं बन पा रहा है।
तीन किश्तों में मिलते हैं 2.50 लाख रुपये
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास धारक को ढाई लाख रुपये की धनराशि तीन किश्तों में दी जाती है। इसमें पहली किश्त 50 हजार, दूसरी 1.50 लाख हजार और तीसरी किश्त 50 हजार रुपये दी जाती है।
ठंड से हैं परेशान
दो माह से अधिक कच्चे मकान को टूटे हो गए हैं। अभी तक दूसरी किश्त नही मिली है। इस कारण ठंड में तिरपाल डालकर रहना पड़ रहा है। -इमराना
योजना का फार्म भरा था। दो माह पूर्व 50 हजार रुपये खाते में आए थे। वो नींव और डीपीसी निर्माण में खर्च हो चुके हैं। बारिश में रहने को मजबूर हैं। -कमलेश देवी
नहीं आ रही किश्त
दूसरी किश्त नहीं आई है। इस कारण छोटे-छोटे बच्चों के साथ जाड़े-पाले और अब बारिश में रात काटनी पड़ रही है। -पुष्पा देवी
भेजी जाएगी किश्त
विभाग से दूसरी किश्त जल्द भेजने को कहा गया है। जल्द ही आवास धारकों के खाते में दूसरी किश्त पहुंच जाएगी। -राना खान चेयरपर्सन शाहजहांपुर