मेरठ के दौराला क्षेत्र के सकौती में निर्माणाधीन अस्पताल में हुए लिफ्ट हादसे में जान गंवाने वाले युवक कर्ण की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए परिजनों ने मोर्चरी पर हंगामा किया और बाद में सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
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निर्माणाधीन अस्पताल में लिफ्ट गिरने से हादसा
- फोटो : अमर उजाला
बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में मचा कोहराम
बताया गया कि 20 वर्षीय कर्ण अपने परिवार का सबसे बड़ा बेटा था और पिता के साथ घर की जिम्मेदारी संभाल रहा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
मृतक के चाचा सोनू ने बताया कि कर्ण के परिवार में उसका छोटा भाई शेखर और बहनें कुमकुम व खुशी हैं। पिता अनिल मजदूरी करते हैं, जबकि मां पूनम गृहिणी हैं। बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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घायल युवक अंकित
- फोटो : अमर उजाला
ठेकेदार पर बिना सुरक्षा उपकरण भेजने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि कर्ण पिछले करीब एक वर्ष से ठेकेदार सोनू के पास काम कर रहा था। उन्होंने बताया कि मजदूरों को काम के दौरान किसी भी प्रकार के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। बिना सुरक्षा इंतजामों के ही ऊंचाई पर काम कराया जा रहा था, जिसके चलते यह गंभीर हादसा हुआ।
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निर्माणाधीन अस्पताल में लिफ्ट गिरने से हादसा
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गुस्साए परिजनों ने सड़क पर लगाया जाम
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने मोर्चरी पर हंगामा किया और बाद में सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ठेकेदार की तत्काल गिरफ्तारी, मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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निर्माणाधीन अस्पताल में लिफ्ट गिरने से हादसा
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परिवार की जिम्मेदारी उठा रहा था सोनू
चाचा सोनू ने बताया कि कर्ण मेहनती और जिम्मेदार युवक था, जो परिवार के भरण-पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। उसकी असमय मौत से परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है।