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मुठभेड़ में ढेर: ग्राम प्रधान कविता को बर्बाद करने की ठान चुका था शूटर संजीव पकौड़ी, ऐसे बना कुख्यात

Sun, 20 Oct 2019 04:45 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 20 Oct 2019 04:45 PM IST
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Encounter: Police killed Criminal Sanjeev Pakodi awarded of one lakh in Meerut
घायल बदमाश को अस्पताल लाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में डेढ़ लाख का इनामी संजीव पकौड़ी शनिवार रात सरूरपुर स्थित कक्केपुर के जंगल में मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार संजीव प्रधान कविता की हत्या करने के लिए शनिवार को तीन साथियों के साथ गांव में पहुंचा था। उसने कविता पर गोलियां चला दीं।



कविता के सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी फायरिंग की तो संजीव साथियों के साथ बाइक से जंगल की तरफ भाग निकला। संजीव पर सरूरपुर थाना मेरठ से एक लाख, बागपत के छपरौली थाने से दोहरे हत्याकांड में 25 हजार, भोजपुर गाजियाबाद से 25 हजार का इनाम था। आगे जानें आखिर कैसे उसने जरायम की दुनिया में रखा कदम और बन गया कुख्यात बदमाश: -

Encounter: Police killed Criminal Sanjeev Pakodi awarded of one lakh in Meerut
मुठभेड़ में ढेर हुआ बदमाश संजीव पकौड़ी - फोटो : अमर उजाला

मेरठ के सरूरपुर खुर्द निवासी संजीव पकौड़ी ने ऊधम सिंह से दोस्ती कर जरायम की दुनिया में कदम रखने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। साल 2010 में पंचायत चुनाव में ही संजीव और उसके भाई संजय का अपने ही गांव के नीटू उर्फ रमेश से विवाद हो गया था। जिसके बाद संजीव ने ऐलान किया था कि एक दिन वह नीटू और उसकी पत्नी कविता के पूरे परिवार को तबाह कर देगा। सरूरपुर खुर्द की गांव प्रधान कविता के साथ हुआ भी यही कि उसका सब कुछ ही बर्बाद हो गया।

Encounter: Police killed Criminal Sanjeev Pakodi awarded of one lakh in Meerut
मुठभेड़ के बाद अस्पताल में मौजूद पुलिस बल - फोटो : अमर उजाला

पुलिस के अनुसार संजीव पकौड़ी का करनावल निवासी ऊधम सिंह के यहां आना जाना था। ऊधम का नाम लेकर ही संजीव ने नीटू को धमकी दी थी। बाद में ऊधम सिंह और योगेश भदौड़ा के बीच गैंगवार शुरू हुई।

31 अक्तूबर 2011 को कुख्यात ऊधम सिंह ने भदौड़ा गांव में एक कार्यक्रम में योगेश भदौड़ा के भाई प्रमोद भदौड़ा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद ऊधम सिंह जेल चला गया। लेकिन नीटू उर्फ रमेश ने समझा कि शायद अब संजीव पकौड़ी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकेगा।

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Encounter: Police killed Criminal Sanjeev Pakodi awarded of one lakh in Meerut
मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला

21 नवंबर 2012 को सरधना में गांव प्रधान कविता के पति नीटू उर्फ रमेश की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद एसटीएफ और क्राइम ब्रांच ने कुख्यात संजीव पकौड़ी और उसके भाई संजय की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया।

लेकिन संजीव मोबाइल का प्रयोग न करने के कारण पुलिस की पकड़ में नहीं आया। नीटू उर्फ रमेश की हत्या में भाई परविंदर गवाह और वादी था। जिसको कई बार धमकी दी गई कि यदि हत्या में समझौता नहीं किया तो अंजाम ठीक नहीं होगा।

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पुलिस मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
पति के हत्या के बाद कविता ने अपने देवर परविंदर से शादी कर ली। साल 2015 में चुनाव में कविता गांव की प्रधान बन गईं। एक सुरक्षाकर्मी कविता को दिया गया। 25 मई 2017 को उसके बाद संजीव पकौड़ी और उसके भाई संजय ने परविंदर की भी गांव में दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी।

इस वारदात के बाद सरूरपुर खुर्द में बखेड़े के बाद कई दिन तक पीएसी तैनात रही। अपने दूसरे पति को खोने के बाद कविता को लगातार धमकी मिल रहीं थी। दो साल पहले एसटीएफ ने संजीव के दूसरे भाई संजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जो जेल में बंद है।

 
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