फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

यूपी: मेरठ की सड़कों पर धड़ल्ले से बिक रही चरस-अफीम, युवाओं को सॉफ्ट टारगेट बना रहे नशे के सौदागर

Wed, 26 Jun 2019 05:16 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 26 Jun 2019 05:16 PM IST
विज्ञापन
Drugs are selling on the streets of Meerut openly, School college are soft targets
खुलेआम ड्रग्स बेचता नशे का सौदागर - फोटो : अमर उजाला

देश की युवा पीढ़ी को नशेबाजी की गर्त में ढकेला जा रहा है। मेरठ शहर में खुलेआम सड़कों पर नशीला पदार्थ बिक रहा है। नशे के सौदागर स्कूल और कॉलेज के छात्रों को निशाना बना रहे हैं। अमर उजाला टीम ने स्टिंग के जरिए कॉलेज व थानों के पास प्रतिबंधित ड्रग्स बेचने के धंधे का पर्दाफाश किया है। नशे के सौदागर युवाओं को खोखला कर रहे हैं और सिस्टम खामोश है। 


 
Drugs are selling on the streets of Meerut openly, School college are soft targets
अमर उजाला में प्रकाशित खबर - फोटो : अमर उजाला

स्टिंग ने खोली सिस्टम की पोल 
स्टिंग के दौरान शहर में कई जगहों पर खुलेआम चरस, अफीम व अन्य नशीले पदार्थ बिकते मिले। गढ़ रोड पर मेडिकल कालेज के पास एक लोहे का खोखा है। रिपोर्टर खोखे के गेट पर पहुंचा तो एक युवक ने पूछा क्या चाहिए। रिपोर्टर ने कहा पुड़िया है तो उसने चरस थमाते हुए 150 रुपये मांगे।

Drugs are selling on the streets of Meerut openly, School college are soft targets
अमर उजाला में प्रकाशितखबर - फोटो : अमर उजाला

रिपोर्टर ने कहा कि ये नहीं दूसरा वाला तो उसने खोखे के भीतर से दूसरी पुड़िया निकाली। इसमें अफीम थी। उसकी कीमत 300 रुपये मांगी। माल न लेने पर युवक ने कहा कि भाई ऊपर तक पैसा जाता है। हम तो मजदूर हैं। जिस जगह पर ये नशे का कारोबार चल रहा है, आसपास के लोगों के अनुसार, नशे के खरीददार सबसे ज्यादा मेडिकल और विवि के ही छात्र हैं। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Drugs are selling on the streets of Meerut openly, School college are soft targets
बाल संप्रेक्षण गृह में जांच करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

पहले भी हो चुके हैं खुलासे
शहर में बढ़ रहे नशे के कारोबार का अमर उजाला पहले भी खुलासा कर चुका है। 28 अप्रैल 2018 को अमर उजाला ने गंगानगर थाने के पास भांग के ठेके की आड़ में चल रहे अवैध नशे के कारोबार का खुलासा किया था। थाना पुलिस और आबकारी विभाग ने आंशिक कार्रवाई करते हुए ठेकेदार के कर्मचारी को जेल भेज दिया था, लेकिन ठेका निरस्त नहीं किया।

इससे पूर्व गंगानगर के प्रतिष्ठित कालेजों के छात्रों द्वारा नशा करने और नशा खरीदते हुए भी स्टिंग किया था। हापुड़ अड्डा चौराहा के पास भी बिक रहे नशे पर स्टिंग किया था। पुलिस की सेटिंग से होने वाले इस धंधे पर अंकुश लगना तो दूर आज तक कोई अभियान भी नहीं चलाया गया। 

विज्ञापन
Drugs are selling on the streets of Meerut openly, School college are soft targets
बाल संप्रेक्षण गृह में जांच करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

किशोर संप्रेक्षण गृह में भी नशा 
पिछले दिनों राजकीय किशोर संप्रेक्षण गृह से जब किशोर भागे थे और बवाल हुआ तो जांच में यह कड़वा सच सामने आया कि यहां रहने वाले किशोर नशे की लत के शिकार थे। वो नशे के लिए किसी भी हद तक जा सकते थे। पैसे देकर संप्रेक्षण गृह के कर्मचारी या उनके मित्र उन्हें नशा उपलब्ध कराते थे। नशे की लत के चलते इन किशोरों ने एक सिपाही को संप्रेक्षण गृह में पीट पीटकर मार डाला था। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed