मेरठ में सरधना प्रकरण में विवादित बोल बोलने वाले व्यापारी नेता जीतू नागपाल ने अपने समर्थकों के साथ शनिवार को एसएसपी ऑफिस पर धरना प्रदर्शन किया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच पुलिस से व्यापारी नेता उनके समर्थकों की हाथापाई तक हो गई और लात-घूंसे भी चले। पुलिस ने उन्हें खदेड़ा। पुलिस ने ऑफिस परिसर का मुख्य गेट बंद कर जीतू नागपाल, चार महिला समेत सात लोगों को हिरासत में लिया। बाद में जीतू नागपाल को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
यूपी: एसएसपी ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन, हाथापाई के बाद चले लात-घूंसे, देखें तस्वीरें
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मेरठ व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष जीतू नागपाल, एनएएस कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष जयराज चपराना, डीएन कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष सम्राट मलिक, सपा नेता और कई सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता शुक्रवार को एसएसपी ऑफिस पर पहुंचे और धरने पर बैठकर हंगामा करने लगे। आरोप था कि सरधना की बिटिया को इंसाफ दिलाने की मांग करने पर पुलिस ने व्यापारी नेता और कॉलेज के छात्रों पर संगीन धाराओं में केस दर्ज कर दिया। यह लोकतंत्र की हत्या है।
एसएसपी को बुलाने की जिद पर अड़े
पुलिस के खिलाफ नारेबाजी होने पर एसएसपी ने अपने पीआरओ आशुतोष कुमार, पेशकार अजित सिंह व अन्य स्टाफ को भेजा। पीआरओ और पेशकार ने व्यापारियों से कहा कि पांच लोग एसएसपी साहब से मिल लो, जो शिकायत है उनको बता दो। लेकिन व्यापारियों ने कहा कि एसएसपी लोगों के बीच आएं और बताएं कि मुकदमा कैसे दर्ज हो गया। पुलिस वालों ने समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन वह नहीं माने।
एसपी सिटी ने की गिरफ्तारी
हंगामा बढ़ता देख मौके पर एसपी सिटी को फोन करके बुलाया गया। पुलिस ने एसएसपी ऑफिस परिसर का मुख्य दरवाजा बंद कर लिया। एसपी सिटी ने जीतू नागपाल और चार महिला समेत सात लोगों को पकड़ लिया। पुलिस ने उनको को जीप में बैठाकर सदर बाजार थाने भेजा। पुलिस ने विवादित बोल बोलने के मामले में जीतू नागपाल को कोर्ट के समक्ष पेश किया। जहां से उनको न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजा।
लात घूंसे तक चले
पुलिस ने धरना प्रदर्शन, नारेबाजी करते लोगों पर डंडा चलाया तो वहां पर अफरातफरी मच गई। लोग पिछले दरवाजे की तरफ भाग रहे थे। व्यापारियों के अलावा एसएसपी ऑफिस पर आए फरियादियों में भी भगदड़ मची हुई थी। पुलिस से व्यापारी नेता और उसके समर्थकों की हाथापाई तक हुई। लात-घूंसे तक चले। हालांकि पुलिस का कहना है कि लाठीचार्ज नहीं हुआ।